MP IAS: सकारात्मक कार्यशैली से चर्चाओं में है मध्य प्रदेश का ये युवा आईएएस

भोपाल। मध्य प्रदेश के एक युवा IAS अधिकारी अपनी कार्यशैली और नवाचारों के दम पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. टीकमगढ़ के जतारा इलाके से लेकर अशोकनगर तक… जहां भी जिम्मेदारी मिली वहां इस अधिकारी ने विकास की नई मिसाल पेश की. उन्होंने एसआईआर सर्वे में सबसे पहले 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा कर दिखाया है. इतना ही नहीं कुछ दिन पहले इनके योग्य कार्य के लिए  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तारीफ में कसीदे पढ़े थे. ऐसे में यहां आपको बताते हैं इस अफसर के बारे में सबकुछ…

जहां पोस्टिंग वहां कर दिखाया कमाल
यह अफसर अधिकारी कोई और नहीं बल्कि अशोकनगर के कलेक्टर आदित्य सिंह हैं. कलेक्टर आदित्य ने एसआईआर सर्वे में अशोकनगर में सबसे पहले 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा कर दिखाया. जिसके बाद वो सुर्खियों में आ गए. इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ करते हुए कहा था, ‘आपके पास ऐसे कलेक्टर हैं जो गाड़ी में बैठकर बत्ती नहीं जलाते, बल्कि साइकिल पर बैठकर अशोकनगर से चंदेरी पहुंच जाते हैं.

अशोकनगर के कलेक्टर आदित्य सिंह 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं. ये हर दिन साइकिल से फील्ड पर उतरते हैं और लोगों से उनका हाल जानते हैं.
न कोई दिखावा, न कोई शोर—बस सादगी से भरी एक यात्रा, जिसमें जनता के लिए समर्पण छिपा है. उनकी यह आदत सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है कि असली ताकत बड़े पद या महंगी गाड़ी में नहीं, बल्कि सरलता और सेवा भावना में होती है. जनता की भलाई उनके लिए जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जुनून है… उनकी सादगी और ईमानदारी लोगों को प्रेरित करती है.

अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह अपने तेज तर्रार अंदाज के लिए न केवल जाने जाते हैं, बल्कि किस तरह मैदानी अमले से व जनसहयोग से कैसे काम कराया जाता है उसका भी उदाहरण इनके द्वारा पेश किया जा रहा है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण पेश किया है मध्य प्रदेश में सबसे पहले अशोकनगर में  SIR का 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा कराना. खास यह कि जब एसआईआर सर्वे के दौरान प्रदेश में कई कर्मचारियों की मौत हो गई और कई जगह से काम करने में काफी परेशानी की बातें सामने आई, लेकिन अशोकनगर मध्य प्रदेश में सबसे पहले 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा करने वाला जिला बना.

आदित्य सिंह ने UPSC परीक्षा में हासिल की थी 47 रैंक
कलेक्टर आदित्य सिंह का जन्म 8 मार्च 1990 को रीवा जिले में हुआ है. उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रीवा के ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद आईआईटी की तैयारी के लिए 02 वर्ष कोटा में पढ़ाई की. 11वीं और 12 वीं की पढ़ाई कोटा स्थित DAV स्कूल से की. इसके बाद 2008 से 2012 तक आईआईटी रुड़की से BTech किया. पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी दिल्ली से की. कलेक्टर आदित्य सिंह ने 2014 में प्रथम प्रयास में ही ऑल इंडिया 47 रैंक हासिल की.

टीकमगढ़ के जतारा में हुई थी आदित्य सिंह की पहली पोस्टिंग
UPSC में सफलता हासिल करने के बाद उनकी पहली पदस्थापना यानी ⁠प्रथम पोस्टिंग टीकमगढ़ के जतारा में एसडीएम के पद पर हुई. फिर मंदसौर जिला पंचायत सीईओ बने… इसके बाद होशंगाबाद में जिला पंचायत सीईओ के पद पर पोस्टिंग हुई. इसके अलावा भोपाल Smart City के CEO बने. फिर गुना ADM के पद पर पदस्त हुए. वहीं विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के उप सचिव भी रहे.

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