सुप्रीम कोर्ट ने एक शख्स को इच्छामृत्यु की अनुमति दी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 31 साल के एक शख्स को इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दी है। हरीश राणा 13 साल से ज्यादा वक्त से कोमा में हैं। हरीश लाइफ सपोर्ट सिस्टम से ही जीवित हैं।
पैसिव यूथेनेशिया का मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए, ताकि मरीज प्राकृतिक रूप से मृत्यु को प्राप्त हो सके।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने दिल्ली एम्स को निर्देश दिया कि राणा को पैलियेटिव केयर में भर्ती किया जाए। पैलियेटिव केयर यानी ऐसे मरीजों को आराम देने वाली चिकित्सा, जिनका इलाज संभव नहीं होता। हरीश राणा 2013 में एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल से गिरने के बाद सिर में गंभीर चोट लगी थी। तब से वे कोमा में हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनके ठीक होने की संभावना लगभग न के बराबर है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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