नई दिल्ली। यूपी काडर के IAS रहे और देश के ताकतवर ब्यूरोक्रेट्स में शुमार नवीनत कुमार सहगल ने प्रसार भारती के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि नवनीत सहगल अचानक इस्तीफ दे देंगे.
हालिया 25 नवंबर को दर्जनों स्क्रीन के सामने बैठे नवनीत सहगल अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण के कवरेज की खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे. एक्स पर एक्टिव थे. लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े पोस्ट्स को रीपोस्ट कर रहे थे. नवनीत सहगल के कार्यकाल में अभी समय बचा हुआ था. समय से पहले उनका इस्तीफा देना चर्चा के केंद्र में है. 35 सालों के कार्यकाल में वो यूपी की ब्यूरोक्रेसी में सबसे प्रभावशाली और चर्चित अधिकारियों में गिने जाते थे.
नवनीत सहगल का इस्तीफा हुआ स्वीकार
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत सहगल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. वह प्रसार भारती के प्रमुख पद से लगभग डेढ़ साल बाद ही हट गए हैं. उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर किया गया है.
पीएमओ की नाराजगी
शासन एवं सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि पीएमओ नवनीत सहगल से नाराज हो गया। सहगल की शिकायत भी पीएमओ तक पहुंची थी। इसके चलते सहगल से इस्तीफा लिया गया है। असल में सहगल के खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर कैंपेन चल रहा था। यही नहीं, प्रसार भारती से जुड़ी कुछ शिकायतें भी पीएमओ तक पहुंची। इसके बाद उनका इस्तीफा ले लिया गया।
नवनीत सहगल कब बने थे चेयरमैन?
नवनीत सहगल 16 मार्च 2024 को प्रसार भारती के चेयरमैन बने थे. उन्होंने 2 दिसंबर 2025 को पद से इस्तीफा दे दिया. नवनीत सहगल के इस्तीफे की वजह से सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.
कौन हैं नवनीत सहगल?
नवनीत सहगल 1988 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. 2023 में रिटायर होने से ठीक पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश में खेल व युवा कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में काम किया था. उन्हें देश के सबसे अनुभवी नौकरशाहों में गिना जाता है. नवनीत सहगल ने तीन दशकों से अधिक समय तक शासन, बुनियादी ढांचा, सूचना प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े अहम पद संभाले हैं.
