भोपाल। नगर निगम द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) से पहले किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों में कथित गड़बड़ियों की जांच पूरी हो गई है। जांच में सामने आया कि करीब 1.73 करोड़ रुपए खर्च कर 19 स्थानों पर लगाए गए कई फाउंटेन या तो अधूरे मिले, बंद पड़े थे या रिकॉर्ड में दर्ज उपकरण मौके पर मौजूद ही नहीं थे।
मुख्य बिंदु:
जांच समिति को कई जगहों पर महंगे गनमेटल वाल्व, फ्लावर जेट नोजल, कनेक्टर और एलईडी लाइट नहीं मिलीं।
उनकी जगह साधारण पीवीसी पाइप, निपल और वाल्व पाए गए।
ताज होटल के सामने रिकॉर्ड में दर्ज फाउंटेन मौके पर मिला ही नहीं।
निगम अधिकारियों ने दावा किया कि फाउंटेन को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया, लेकिन नई लोकेशन नहीं बता सके।
पॉलीटेक्निक, यातायात चौराहा और भारत माता चौराहे पर “नोजल चोरी” होने की बात कही गई, लेकिन कोई एफआईआर या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
मानव संग्रहालय, आईएसबीटी, प्रणामी मंदिर, भदभदा और एयरपोर्ट रोड पर कई फिटिंग गायब मिलीं।
एयरपोर्ट रोड पर एलईडी लाइटें नहीं मिलीं, जबकि लालघाटी चौराहे पर टूटी और खराब हालत में लाइटें मिलीं।
बोर्ड ऑफिस और एयरपोर्ट ब्रिज के पास फाउंटेन बंद हालत में पाए गए।
यह मामला लोकायुक्त तक पहुंचने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग की जांच समिति ने मौके पर निरीक्षण किया। जांच में भुगतान और वास्तविक कार्य के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। देखना होगा कि इस जांच का भी क़ोई परिणाम निकलता है या इसका भी फाइलों में बंद कर दम घोंट दिया जायेगा।
