MP Vidhansabha में निजी विधेयक पेश, जनता का मुफ्त इलाज कराए सरकार

15 लाख तक स्वास्थ्य कवरेज का प्रस्ताव रखा
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने सार्वभौम नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा को लेकर एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया है। इस विधेयक के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि प्रदेश के हर नागरिक को, चाहे वह किसी भी वर्ग या आय समूह का हो, उसे हर साल 15 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवरेज मिलना चाहिए।
सदन में चर्चा के दौरान डॉ. राजेंद्र सिंह ने तर्क दिया कि वर्तमान में आयुष्मान योजना का दायरा सीमित है और इसकी राशि (5 लाख) गंभीर बीमारियों के लिए नाकाफी है। उनके विधेयक में ये प्रस्ताव हैं। डॉ. सिंह ने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि पहला सुख निरोगी काया है। उन्होंने पंजाब सरकार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 10 लाख तक का यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज लागू किया गया है। मध्यप्रदेश की बड़ी आबादी के हिसाब से इस पर सालाना 8 से 9 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
अधिकारियों की तर्ज पर हो आम जनता का इलाज
विधायक ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारियों, उनकी पत्नियों और आश्रितों को सेवाकाल और रिटायरमेंट के बाद भी शत-प्रतिशत मुफ्त इलाज मिल सकता है, तो आम जनता के साथ भेदभाव क्यों? उन्होंने सबका साथ, सबका विकास के नारे की याद दिलाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में समानता होनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया हस्तक्षेप
चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि से भी परिवारों को स्वास्थ्य की दृष्टि से सहारा मिलता है। जिस पर डॉ. सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि 1500 रुपये की राशि बड़े ऑपरेशनों के सामने केवल आने-जाने के किराए जितनी ही है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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