SDOP पर भड़के प्रीतम लोधी,  कहा- औकात में रहें, शिवपुरी में बेटा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा

शिवपुरी। पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ पर आरोप लगाते हुए वीडियो जारी किया। बेटे दिनेश लोधी के थार एक्सीडेंट मामले में पूछताछ और करैरा में न दिखने की बात पर प्रीतम लोधी ने कहा, ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है’।

एसडीओपी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि केवल नियमानुसार पूछताछ, ब्लैक फिल्म-हूटर पर चालान और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

प्रीतम लोधी बोले- कानून के दायरे में काम करें
रविवार देर शाम जारी वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी एसडीओपी करैरा पर भड़के नजर आए। बेटे को करैरा में न दिखने की बात पर उन्होंने कहा, “करैरा तेरे डैडी का नहीं है। बेटा करैरा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा। अगर तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना।”

उन्होंने कहा, “अधिकारी अपनी औकात में रहें और कानून के दायरे में काम करें। कानून हमें भी आता है।” विधायक ने आरोप लगाया कि बेटे की दुर्घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जबकि पहले कई मामलों में पूछताछ नहीं हुई।

SDOP पर बरसे विधायक- डैडी में दम हो तो रोक लेना

रविवार देर शाम जारी वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी एसडीओपी करैरा पर भड़के हुए नजर आए। एसडीओपी द्वारा कथित तौर पर बेटे को करैरा में न दिखने की बात कहने पर उन्होंने कहा, “करैरा तेरे डैडी का नहीं है। बेटा करैरा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा। अगर तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना।”

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “अधिकारी अपनी औकात में रहें और कानून के दायरे में काम करें। कानून हमें भी आता है।” विधायक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे से हुई दुर्घटना को कांग्रेसियों की तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है, जबकि पहले कई दुर्घटनाओं में पूछताछ तक नहीं हुई।

उन्होंने कहा गाड़ी भिजवाओ, हमने गाड़ी भिजवाई
एसपी साहब से कहा कि इसमें कायमी कराइए, हमने कायमी कराई। उन्होंने कहा गाड़ी भिजवाओ, हमने गाड़ी भिजवाई, गाड़ी की जमानत कराई। फिर उन्होंने कहा- लड़के दिनेश को भिजवाओ, तो हमने दिनेश को भिजवाया। लेकिन एसडीओपी करैरा ने जो बात कही है, वो मेरे गले नहीं उतर रही है।

प्रीतम बोले- तुम तो वहां जाते हो जहां पैसा मिलता है

प्रीतम ने वीडियो में कहा- मैं कहना चाहता हूं करैरा एसडीओपी से कि आज एक आदिवासी महिला कुचल के मारी गई है। मैं पूछना चाहता हूं कि तुम स्पॉट पर गए? तुमने जांच की? नहीं की। क्योंकि वो गरीब थी। वहां तुम्हें पैसा नहीं मिलना था। गरीब कोई पैसा नहीं दे सकता, उनकी तुमने हेल्प नहीं की। तुम तो वहां जाते हो जहां पैसा मिलता है।

ऐसे बहुत से एक्सीडेंट में पूछताछ नहीं हुई, पेंडिंग हैं

विधायक लोधी ने कहा- मैं ऐसे अधिकारी को कहना चाहता हूं कि अपनी औकात में रहे और कानून के दायरे में रहे। कानून हमको भी आता है, कानून हम भी जानते हैं। लेकिन इन्होंने क्या है, कांग्रेसीकरण कर दिया।
उसको इतना हाइलाइट कर दिया, इतना हाइलाइट कर दिया कि ऐसा लग रहा था जैसे कोई आतंकवादी आ गए हों और आतंकवादियों ने कोई घटना कर दी हो। अभी ऐसे बहुत से एक्सिडेंट हैं, एक-एक, दो-दो साल हो गए, अभी तक उनकी पूछताछ नहीं हुई, पेंडिंग में पड़े हैं।

भाजपा ने कहा- भाषा की मर्यादा सबसे अपेक्षित

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। किसी को भी मर्यादा छोड़ने की अनुमति नहीं है, चाहे वह किसी भी भूमिका में हो। कानून सबके लिए समान है और मर्यादा का पालन भी सभी को करना चाहिए—चाहे वह एसडीओपी हों या प्रीतम लोधी। भाषा की मर्यादा का पालन करना सबसे अधिक अपेक्षित है। प्रीतम लोधी से इस संबंध में बातचीत की जाएगी।

पुलिस ने ब्लैक फिल्म-हूटर पर काटा था चालान
शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को दिनेश लोधी करैरा थाने पहुंचा था। यहां एसडीओपी आयुष जाखड़ और थाना प्रभारी विनोद छावई ने उससे एक्सीडेंट पर पूछताछ की। जांच में थार पर हूटर और शीशों पर काली फिल्म मिली।
पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट में चालान कर वाहन सुपुर्द किया। विधायक ने कहा कि उन्होंने ही एसपी से कहकर बेटे पर एफआईआर कराई, गाड़ी भिजवाई और बेटे को थाने भेजा था।

16 अप्रैल को थार ने बाइक और महिलाओं को टक्कर मारी थी
16 अप्रैल सुबह 7:30 बजे संजय परिहार अपने साथियों के साथ बाइक से करैरा जा रहे थे। आगे सीता वर्मा और पूजा सोनी पैदल थीं। पीछे से आई थार ने पहले महिलाओं और फिर बाइक को टक्कर मारी। हादसे में 5 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने दिनेश लोधी पर एफआईआर दर्ज कर थार जब्त की थी।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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