नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है। राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में ईंधन अब रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है। तेल कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।
बड़े शहरों में नई कीमतें
दिल्ली : पेट्रोल 102.12 रुपए, डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर
कोलकाता : पेट्रोल 113.51 रुपए, डीजल 99.82 रुपए प्रति लीटर
मुंबई : पेट्रोल 111.21 रुपए, डीजल 97.83 रुपए प्रति लीटर
चेन्नई : पेट्रोल 107.77 रुपए प्रति लीटर
मध्यप्रदेश में क्या हाल?
मध्य प्रदेश के कई शहरों में ईंधन की कीमतें देश में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल हो गई हैं।
भोपाल : पेट्रोल 114.65 रुपए, डीजल 99.74 रुपए
उज्जैन : पेट्रोल 115.03 रुपए, डीजल 100.11 रुपए
इंदौर : पेट्रोल 114.54 रुपए, डीजल 99.57 रुपए
जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना
आयात लागत बढ़ना
रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा बढ़ी लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना
आम लोगों पर असर
डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध और रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं। खेती-किसानी और माल ढुलाई पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका है।
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने खासकर मध्यम वर्ग, रोजाना सफर करने वाले कर्मचारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है।
