Politics:  राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- पीएम को दूंगा:केंद्रीय मंत्री को गद्दार बताया, बिट्टू ने कहा- देश के दुश्मनों से लेना-देना नहीं

नई दिल्ली। आर्मी चीफ एमएम नरवणे की जिस किताब को लेकर संसद में दो दिन से हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी बुधवार को वही किताब लेकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर आज पीएम आए तो उन्हें यह किताब दूंगा।

राहुल ने किताब का वह पेज खोलकर दिखाया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था- जो उचित समझो वह करो!। राहुल ने कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री कह रहे है कि किताब का अस्तित्व नहीं है। देखिए यह रही किताब।
राहुल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा में आने की हिम्मत करेंगे। अगर प्रधानमंत्री आते हैं तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब सौंपूंगा, ताकि वे इसे पढ़ सकें और देश को इसके बारे में पता चल सके।

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लोकसभा में नरवणे की किताब के अंश पढ़ना चाहते हैं राहुल

लोकसभा में दो दिन से पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक पर हंगामा हो रहा है। इसके चलते कई बार सदन स्थगित हो चुका है। राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी है।

राहुल ने बीजेपी सांसद को कहा- गद्दार दोस्त
इधर, कांग्रेस के कुछ सांसदों ने बजट सत्र के छठे दिन संसद के मकर द्वार के पास प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को पास से गुजरते देखकर कहा कि देखो एक गद्दार आ रहा है, देखिए इसका चेहरा।
राहुल गांधी ने हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा कि हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, आप वापस (कांग्रेस में) आ जाओगे।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया। उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि देश के दुश्मनों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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