भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने बड़े तालाब को लेकर नगर निगम कमिश्नर को फिर नोटिस जारी किया है और प्रदूषण के निराकरण को लेकर उठाये गये कदमों की जानकारी मांगी है। इसके लिए पांच दिन का समय दिया गया है। NGTका नोटिस सिटी इंजीनियर उदित गर्ग को भी दिया गया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण प्रिसिंपल बेंच में प्रकरण कमांक 19/2026, 22/2026, 23/2026 सूओ मोटो समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रतिवेदनों के आधार पर पेयजल अपूर्ति लाईनों के साथ सीवेज लाईनों के समांनातर प्रवाह, जरजर एवं क्षतिग्रस्त पाईप लाईन, कोलीफोर्म / ई-कोलाई जीवाणु तथा दूषित जल निर्वहन से हो रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से संबंधित है। प्रकरणों में अधिकरण द्वारा पारित आदेशों में उल्लेखित बिन्दुओं के संबंध में निम्नानुसार जानकारी प्रदान करने का कष्ट करें:-
1. समाचार पत्रों में प्रकाशित बिन्दुओं के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन।
2. नगर निगम द्वारा उपरोक्त के संबंध में निराकरण हेतु की गई कार्यवाही।
ये जानकारी इस कार्यालय को 05 दिवस के भीतर प्रदान करने का कष्ट करें, ताकि प्रकरण की आगामी सुनवाई के पूर्व जानकारी माननीय एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत की जा सकें। माननीय एनजीटी द्वारा प्रकरण में आगामी सुनवाई दिनांक 09.03.2026 को नियत है।
पहले लगाई थी फटकार
एनजीटी (NGT) ने भोपाल में वायु प्रदूषण नियंत्रणकचरा प्रबंधन (विशेषकर आदमपुर खंती)और अवैध निर्माण को लेकर भोपाल नगर निगम को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है। ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर और निगमायुक्त से अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी और लापरवाही पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने की चेतावनी दी है।
वायु प्रदूषण और NCAP: एनजीटी ने भोपाल में बढ़ते प्रदूषण और NCAP योजना के तहत मिली राशि के उपयोग पर सवाल उठाए हैं, 18 मार्च तक जवाब तलब किया है।
आदमपुर खंती कचरा: कचरा प्रबंधन में विफलता और आदमपुर में कचरे के अंबार को लेकर नाराजगी जताईसाथ ही इसे सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन बताया।
अवैध अतिक्रमण: भदभदा क्षेत्र और भोज वेटलैंड के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
प्लास्टिक इकाइयां: भोपाल में अवैध प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि कचरा प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों की एसीआर (ACR) में प्रतिकूल प्रविष्टि की जाएगी।
