मुंबई. देश की सबसे धनी नगर निकाय बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में सत्ता का समीकरण अब पूरी तरह बदल गया है। शनिवार को महायुति गठबंधन ने भाजपा की वरिष्ठ पार्षद रितु तावड़े को महापौर (मेयर) और शिव सेना (शिंदे गुट) के नेता संजय शंकर घाडी को उप-महापौर पद का उम्मीदवार घोषित किया। बीएमसी के 227 सदस्यीय सदन में महायुति के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण रितु तावड़े का मुंबई की अगली मेयर बनना तय माना जा रहा है। महापौर और उप-महापौर पद के लिए चुनाव 11 फरवरी को बीएमसी मुख्यालय में संपन्न होगा।
रितु तावड़े मुंबई भाजपा का एक अनुभवी चेहरा हैं। वे तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। उन्होंने 2012 (वार्ड 127) और 2017 (वार्ड 121) में जीत दर्ज की थी। हाल ही में 15 जनवरी 2026 को हुए चुनावों में वे घाटकोपर के वार्ड संख्या 132 से विजयी हुई हैं। वे पहले बीएमसी की महत्वपूर्ण ‘शिक्षा समिति’ की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जिससे उन्हें नागरिक प्रशासन का गहरा अनुभव है। तावड़े ने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और 2012 में भाजपा में शामिल हुई थीं। यदि वे निर्वाचित होती हैं, तो लगभग 40 वर्षों के बाद मुंबई को भाजपा का अपना महापौर मिलेगा। इससे पहले 1982-83 में प्रभाकर पाई भाजपा के मेयर रहे थे।
महायुति का पलड़ा भारी
227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है। वर्तमान सदन में भाजपा के पास 89, शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं। दोनों को मिलाकर 118 होते हैं। बहुमत की संख्या से यह अधिक है। शिवसेना के पास 65, कांग्रेस के पास 24 पार्षद हैं। अजित वार के एनसीपी के तीन, एमएनएस के छह और शरद पलार की पार्टी के सिर्फ एक पार्षद हैं।
भाजपा और शिंदे सेना के गठबंधन ने इस जीत के साथ मुंबई में ठाकरे परिवार के तीन दशक पुराने दबदबे को समाप्त कर दिया है। रितु तावड़े को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और स्थानीय निवासियों के साथ बेहतर संवाद के लिए जाना जाता है। बीएमसी का वार्षिक बजट लगभग 74,450 करोड़ रुपये है, ऐसे में रितु तावड़े के कंधों पर मुंबई के बुनियादी ढांचे, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और ‘गीगा सिटी’ के विजन को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
