MP : किसानों को राहत राशि देने को लेकर हंगामा, विपक्ष ने का वॉकआउट, नारेबाजी
नुकसान से चार गुना ज्यादा पैसा हमने दिलाया: डा. यादव

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज विधानसभा में मुआवजे पर हंगामा हुआ और कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि धान की उपज का आंकड़ा उपज मंडी में मौजूद है। जो नुकसान हुआ था उस नुकसान के चार गुना ज्यादा पैसा हमने अपने दिलाया। इस दौरान सदन में हंगामा होने लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2003 में 3 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर राशि दी जाती थी। उसका 5 गुना राशि हमारी सरकार दे रही है।
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने श्योपुर जिले के किसानों के खाते में राहत राशि नहीं डालने का मामला उठाया। जंडेल ने कहा कि किसानों के खाते में राशि नहीं पहुंची है और सरकार इस मामले में सही जवाब नहीं दे रही है। इस पर हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि 16000 रुपए प्रति हेक्टेयर राहत राशि दी जानी थी, लेकिन किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा इस मामले में सही जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि कुछ खातों में राशि नहीं पहुंची है, जिसे जल्दी पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध किया और उसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और बाहर नारेबाजी करने लगे।
प्रश्नकाल में फसलों की नुकसान और मुआवजे का मुद्दा उठा
प्रश्नोत्तर काल शुरू होने पर दतिया गुना और भिंड जिले में अन्नदाता को कोई नुकसान नहीं हुआ है। ऐसा राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया। इस पर कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने आपत्ति जताई और कहा कि ग्वालियर जिले में भी फसल बर्बाद हुई, लेकिन केवल दो-चार लोगों को मुआवजा दिया जा रहा है। अतिवृष्टि के कारण फसल चौपट होने से अभी तक नौ से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। विधायक सिकरवार ने कहा कि विधानसभा में झूठी जानकारी दी जा रही है। मंत्री विजयवर्गीय ने सवाल बदले जाने के आरोपों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रश्न संदर्भ समिति है, उसमें जाना चाहिए। इस तरह विधानसभा को बदनाम किया जाना ठीक नहीं है। मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि ग्वालियर और शिवपुरी जिले में 7 करोड़ 33 लाख रुपए राहत राशि वितरित की गई। इस पर विधायक सिकरवार ने असंतोष जताया और कहा कि मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए। स्पीकर ने कहा अति वर्षा पर 5 घंटे चर्चा कर चुके हैं। इसको छोडक़र कोई नया प्रश्न हो तो विधानसभा में आना चाहिए और उस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन पुराने बिंदुओं पर ही बात की जा रही है। मानदंडों के अनुसार नुकसान ना हुआ हो तो मुआवजा राशि नहीं दी जाती है।
जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विधानसभा परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने साधा निशाना
भोपाल। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
सरकार की नीतियों एवं निर्णयों के खिलाफ अपनी आपत्ति को प्रभावी ढंग से दर्ज कराते हुए कांग्रेस विधायकदल ने ‘बंदर के हाथ में उस्तरा’ कहावत का सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य यह बताना था कि भाजपा सरकार के हाथ में सत्ता का उस्तरा आ जाने से वह प्रदेश की जनता के हितों को निरंतर चोट पहुँचा रही है।
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि ‘बंदर रूपी भाजपा सरकार के हाथ में उस्तरा आ गया है, और वह युवाओं के रोजगार, प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और किसानों के अधिकारों पर बेरहमी से उस्तरा चला रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोज़गारी चरम पर है, स्वास्थ्य सुविधाएँ बदहाल हैं, कानून-व्यवस्था अस्त-व्यस्त है,और किसान न्याय और अधिकारों के लिए तरस रहे हैं। श्री सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की मूल समस्याओं से मुंह मोडक़र केवल राजनीतिक स्टंट में लगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकदल जनता की आवाज़ बनकर हर मोर्चे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करता रहेगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह प्रदेश की जनता के हितों, अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए सडक़ों से लेकर विधानसभा तक संघर्ष जारी रखेगी।





