MP: उज्जैन निगम ने JCB से तोड़ा मंदिर, बजरंग दल और रहवासी आपस में भिड़े, गाली देने पर कार्यकर्ताओं को दौड़ाया, पथराव में SI घायल

उज्जैन। उज्जैन में मंदिर के विस्थापन को लेकर शनिवार रात करीब 8 बजे विवाद हिंसक हो गया। अटके हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दो पक्ष भिड़ गए। पथराव में सब-इंस्पेक्टर अंकित बनोध घायल हो गए। पुलिस बल और नगर निगम की टीम मौके पर मौजूद थी।

जानकारी के मुताबिक, पंचमपुरा क्षेत्र में नगर निगम सड़क चौड़ीकरण का काम करा रहा है। इसी के तहत मंदिर और आसपास के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की जा रही थी। स्थानीय रहवासियों में से कुछ लोगों ने मंदिर के विस्थापन के लिए सहमति दे दी थी।

परिवार ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बुलाया
हालांकि, कॉलोनी के दो परिवारों ने इस पर आपत्ति जताई। उनके मकान भी अतिक्रमण की जद में आ रहे थे, जिससे वे कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। विरोध कर रहे परिवारों ने शनिवार को कार्रवाई के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मौके पर बुला लिया। बजरंग दल के कार्यकर्ता कार्रवाई को रोकने लगे।

इसी दौरान वे रहवासी भी मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने पहले ही मंदिर के विस्थापन के लिए सहमति दी थी। दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तीखी नोकझोंक में बदल गई। दोनों पक्षों की ओर से पथराव शुरू हो गया।

जातिसूचक गाली देने पर भड़के रहवासी
वहीं स्थानीय रहवासियों को बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने जातिसूचक गाली दे दी। इससे रहवासी भड़क गए। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बीच सड़क पर दौड़ाया। इस दौरान 5-6 युवक भागते नजर आए।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, स्थिति काबू में

पत्थरबाजी के दौरान हालात बिगड़ते देख नगर निगम की टीम को कार्रवाई रोकनी पड़ी। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को अलग किया। अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया।

सड़क चौड़ीकरण के दौरान झड़प, स्थिति नियंत्रण में

सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के कार्य के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो झड़प में बदल गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मामले की जांच की जा रही है। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।
उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विवाद कैसे शुरू हुआ और किन परिस्थितियों में हिंसा तक पहुंचा।

एक दिन पहले शांतिपूर्ण हुआ था विस्थापन
बता दें कि एक दिन पहले ही पंचमपुरा स्थित मंदिर की प्रतिमाओं को स्थानीय लोगों की सहमति से विधि-विधान के साथ दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया था। उस समय पूरा कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ था।इसके बावजूद अगले ही दिन अचानक हुए इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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