MP : इंदौर में दूषित पानी से दो और मौतें, 75 साल के बुजुर्ग और 2 साल की बच्ची ने दम तोड़ा

इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से दो और मौत हुई हैं। 75 साल के बुजुर्ग शालिग्राम ठाकुर की सोमवार रात और दो साल की बच्ची रिया की मौत मंगलवार को सुबह हुई। गंदे पानी से अब तक कुल 35 लोगों की जान जा चुकी है।
शालिग्राम की बेटी मोना बघेल ने बताया कि 2 जनवरी को उलटी-दस्त के कारण शेल्बी हॉस्पिटल में रेफर किया गया था। वहां से उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट किया। इसके बाद वे वेंटिलेटर पर ही थे। करीब 12 दिन पहले उन्हें डिस्चार्ज किया गया था। परिजन का कहना है कि 18 साल पहले उन्हें लकवा हुआ था। इसके अलावा कोई तकलीफ नहीं थी। उधर, बॉम्बे हॉस्पिटल के जनरल मैनेजर राहुल पाराशर ने बताया कि मरीज को शुरू से ही कार्डियक की तकलीफ थी।
वहीं, दो साल की बच्ची रिया पिता सूरज प्रजापति की मंगलवार सुबह 4:30 बजे मौत हुई। 27 दिसंबर को उलटी-दस्त के कारण परिजन ने उसे एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया था। इसके बाद हालत ठीक हुई, लेकिन बाद में फिर बिगड़ती गई।
बच्ची के लिवर में तकलीफ बताई गई थी
15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट किया गया था। यहां उसके लिवर में तकलीफ बताई गई थी। इसके बाद उसे सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, जहां करीब 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि दूषित पानी के कारण ही तबीयत बिगड़ी। उसका असर लिवर तक हुआ।
गुइलेन बैरे सिंड्रोम से जूझ रही महिला
57 वर्षीय एक महिला गंभीर जीबीएस (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) से जूझ रही हैं। हालांकि इस मरीज को जीबीएस होने का स्वास्थ्य विभाग खंडन कर चुका है, लेकिन परिजन का कहना है कि इसी बीमारी के कारण उन्हें एचडीयू में एडमिट किया गया है।
दरअसल, दूषित पानी के कारण इस महिला की हालत 28 दिसंबर को बिगड़ी थी। पहले उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को दूसरे बड़े हॉस्पिटल में रेफर किया गया। इस तरह करीब डेढ़ माह से इलाज चल रहा है। इस बीच हालत गंभीर होने पर 20 दिन से ज्यादा समय तक वह आईसीयू, वेंटिलेटर पर भी एडमिट रही। परिजन के मुताबिक, अभी ठीक होने में समय लगेगा।

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