MP : बारिश से बदतर हुए हालात..मुख्यमंत्री ने दो जिलों में रक्षा मंत्रालय की मदद मांगी कलेक्टरों से बात की, आपदा नियंत्रण के स्टेट कमांड सेंटर से देखी बाढ़ वाले जिलों की स्थिति

भोपाल। प्रदेश के मुरैना, दमोह, रायसेन, गुना, सागर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़े हैं।अशोकनगर समेत दो जिलों में बचाव के लिए रक्षा मंत्रालय से मदद मांगी गई है और अशोकनगर के लिए लखनऊ से टीम आ भी गई है। कलेक्टरों की जिम्मेदारी है कि बचाव और राहत कार्य में किसी प्रकार की कोताही न हो, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिन जिलों में बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण लोग फंसे हैं वहां के कलेक्टरों की जिम्मेदारी है कि सभी को सुरक्षित बाहर निकालें। मुख्यमंत्री ने आज होमगार्ड मुख्यालय के बाढ़ आपदा नियंत्रण के स्टेट कमांड सेंटर से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अतिवर्षा से उत्पन्न बाढ़ और जन सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की। यहीं से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिवृष्टि वाले जिलों के कलेक्टरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से चर्चा की।
उन्होंने साफ कहा कि बचाव और राहत कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रभावित जिलों को हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी। कलेक्टरों से उन्होंने कहा कि प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए।

2900 लोगों को सुरक्षित निकाला, 15 अगस्त को सम्मान भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में अब तक जलमग्न क्षेत्रों से 2,900 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। सभी प्रभावितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और दो जिलों के लिए केंद्र सरकार से सहायता मांगी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि घबराएं नहीं, किसी तरह की स्थिति की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, सरकार आपकी हर सम्भव मदद करेगी।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित पुलिस और प्रशासन के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों की मदद करने वालों का 15 अगस्त को सम्मान किया जाएगा। सीएम यादव ने कहा कि किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं, सरकार नुकसान की भरपाई करेगी।

सभी तरह के प्रबंधन के लिए अधिकारियों को कहा गया है ताकि कम से कम जनहानि की स्थिति बने। दो जिलों के लिए रक्षा मंत्रालय से मदद मांगी है और सेना के जवान बचाव के लिए आ रहे हैं। अशोकनगर में लखनऊ से बचाव दल आया है। सीएम ने कहा कि कम्युनिकेशन की जरूरत है। अभी दो चार दिनों तक ऐसी स्थिति रहने की संभावना है, इसलिए सबको अलर्ट रहने को कहा गया है। कच्चे मकानों और कच्ची दीवारों से भी बचाव के लिए कहा गया है।

श्योपुर में बिगड़े हालात

श्योपुर में सीप नदी उफान पर है। यहां मानपुर में सरकारी अस्पताल में पानी भर जाने के कारण 12 मरीज फंस गए। एसडीईआरएफ की टीम ने सभी को निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया। गुना में 24 घंटे में 12.92 इंच बारिश हो गई। यहां कलोरा बांध की वेस्ट बीयर 15 फीट तक टूट गई है। पूरा डैम टूटने की आशंका है। इससे आसपास के गांवों के जलमग्न होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर NDRF और सेना को बुला लिया है।श्योपुर के बड़ौदा में कलेक्टर और जनप्रतिनिधि जेसीबी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। यहां माधोपुर से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-552 पर रणथंभोर नेशनल पार्क क्षेत्र में पुलिया टूट गई, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। श्योपुर से जयपुर, दिल्ली, टोंक, दोसा की ओर से जाने वाला ट्रैफिक प्रभावित रहेगा।

नर्मदापुरम में सोहागपुर के ग्राम सांकला में नर्मदा किनारे बसे गांव के 7 मकानों में पानी भर गया। परिवारों ने सामान ट्रॉलियों में रखवा दिया है। विदिशा में बेतवा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। भोपाल रोड रंगई स्थित बाढ़ वाले गणेश मंदिर तक पानी पहुंच गया है। नदी किनारे मंदिर आधे डूब गए हैं। भोपाल, नर्मदापुरम और अशोकनगर में लगातार बारिश के चलते स्कूलों की छुट्‌टी घोषित कर दी गई है।

शिवपुरी में कोलारस के पचावली गांव में बस में सवार होकर स्कूल से घर लौट रहे 30 बच्चे बाढ़ में फंस गए, जिसके बाद सभी को पचावली सरपंच के घर रुकवाया गया। बच्चे मंगलवार से यहीं हैं और अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। कोलारस के संगेश्वर गांव में लोग छत पर टेंट लगाकर रह रहे हैं।

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