MP: आईएएस अफसरों को बताना होगी प्रॉपर्टी, 31 जनवरी तक पोर्टल पर करना होगा अपलोड

भोपाल। 2025 का साल खत्म होते ही प्रदेश के सभी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के लिए अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य कर दिया गया है। इन अधिकारियों को 1 जनवरी से 31 जनवरी के बीच SPARROW पोर्टल पर अपनी संपत्ति की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। निर्धारित समय-सीमा में जानकारी नहीं देने पर इसका असर अधिकारियों के प्रमोशन पर पड़ेगा।
डीओपीटी (डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग) मंत्रालय के आदेश के बाद राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने प्रदेश के सभी अधिकारियों के लिए वार्षिक अचल संपत्ति विवरण पत्र (IPR) साल 2025 ऑनलाइन पेश करना अनिवार्य कर दिया है।
यह विवरण 1 जनवरी 2026 की स्थिति में तैयार किया जाएगा। जीएडी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के नियम 16(2) के तहत प्रत्येक अधिकारी को प्रतिवर्ष अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया SPARROW पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जाएगी।
IPR नहीं किया तो होगी कार्रवाई
जीएडी के निर्देश में कहा गया है कि सभी संबंधित अधिकारी 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच अनिवार्य रूप से वेबसाइट https://sparrow.eoffice.gov.in पर लॉगिन कर IPR ऑनलाइन भरें। यदि निर्धारित समय-सीमा में IPR पेश नहीं किया जाता है, तो भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। यही व्यवस्था प्रदेश के सभी आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों पर भी लागू होगी। अखिल भारतीय सेवा के इन अधिकारियों को 31 जनवरी तक देश-विदेश में स्वयं तथा पत्नी या पति के नाम पर मौजूद अचल संपत्तियों का विवरण देना होगा।
मंत्री स्टाफ और मंत्रालय कर्मचारियों से भी मांगा संपत्ति ब्यौरा
एक अन्य आदेश में जीएडी ने मंत्रालय में पदस्थ सभी तृतीय श्रेणी मंत्रालयीन कर्मचारी, सहायक अनुभाग अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, निज सहायक, शीघ्र लेखक, स्टेनोटाइपिस्ट, तकनीकी संवर्ग तथा मंत्री स्थापना में पदस्थ सभी तृतीय श्रेणी मंत्रालयीन कर्मचारियों से भी 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि इस आदेश में मंत्रालय सेवा के उप सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारियों का उल्लेख नहीं किया गया है।



