MP : फैशन डिजाइनर का देहशोषण मामला, एआईजी पर जांच में आरोप सिद्ध…?  

भोपाल। राजस्थान की एक फैशन डिजाइनर के गंभीर आरोपों के मामले में पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) में पदस्थ राज्य पुलिस सेवा के एआईजी राजेश कुमार मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि हो गई। रिपोर्ट गृह विभाग को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई का फैसला सरकार करेगी।

फैशन डिजाइनर ने 31 अक्टूबर और 11 नवंबर को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, लोकायुक्त डीजी और ईओडब्ल्यू डीजी को ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि एआईजी मिश्रा ने शादी का झूठा वादा कर इंदौर, भोपाल, मुंबई व दिल्ली में कई बार शारीरिक शोषण किया।

साथ ही अपने और परिवार के खर्च के लिए 32 लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च करवाई। अक्टूबर 2025 में जयपुर यात्रा के दौरान होटल में ठहरने, डिजाइनर ज्वेलरी और महंगे कपड़ों का भुगतान फैशन डिजाइनर से कराया गया।

भरोसा दिया गया था कि भोपाल लौटने के बाद रकम लौटा दी जाएगी, पर इसके बाद डिजाइनर को फोन और सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया गया। शिकायत के साथ होटल बिल, ज्वेलरी और कपड़ों की रसीदें भी जोड़ी गई थीं। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने जांच डीआईजी (सीआईडी) तरुण नायक को सौंपी। 21 नवंबर को फरियादी ने जांच अधिकारी के सामने बयान दर्ज कराए और सभी साक्ष्य पेश किए। रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि दर्ज की गई है।

राजेश मिश्रा पत्नी और दो बेटियों के साथ 1 से 5 अक्टूबर तक जयपुर के हॉलीडे इन होटल में रुके, जहां 1.19 लाख रुपए का भुगतान फैशन डिजाइनर ने किया।
3.07 लाख रुपए के डिजाइनर कपड़े और 27.09 लाख रुपए की ज्वेलरी खरीदने की भी पुष्टि हुई। अगस्त में भोपाल के एक नामी होटल में कमरा बुक कराया गया था, जबकि सितंबर में दिल्ली और मुंबई के फाइव-स्टार होटलों में ठहरने के साक्ष्य भी मिले।
शादीशुदा होते हुए एआईजी ने अन्य महिला से अनैतिक संबंध बनाए, जो शासकीय सेवा नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा उन्होंने बिना मंजूरी मुख्यालय छोड़ा। निजी कार्य के लिए सरकारी आरक्षक को साथ ले गए।

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