MP : सीएम की अफसरों को नसीहत, समय पर आएं दफ्तर:नए साल की संकल्प मीटिंग में कहा- अन्ना हजारे के काम से सीख लें, निरीक्षण करने जाएं

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के अफसरों को अन्ना हजारे के कामों से सीख लेना चाहिए और इसके लिए जरूरी है कि वे अन्ना हजारे द्वारा कराए गए काम देखने जाएं और उसके आधार पर कार्ययोजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने मंत्रालय के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों से कहा है कि वे कार्यालय दिवस में सुबह दस बजे दफ्तर पहुंचने की आदत डालें और इस पर अधीनस्थों के साथ भी अमल कराएं।

मंत्रालय ने नव वर्ष के संकल्प को लेकर बुलाई गई उच्च अधिकारियों की मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना काल से प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में 5 दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू है। पांच दिनी वर्किंग लागू करने के लिए कार्यालयीन समय को बढ़ाया गया था। इसलिए इस पर अमल करना आवश्यक है।
यह व्यवस्था हो कि प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से कार्य आरंभ हो। सीएम यादव ने कहा कि सीनियर अफसर ही 11 बजे के बाद दफ्तर आते हैं, जबकि सीएस दस बजे आफिस आ जात हैं, यह ठीक नहीं है। इसके लिए बायोमेट्रिक सहित अन्य तकनीकी प्रणालियों का सहारा लिया जाए। इससे अनुशासन में भी सुधार होगा।

समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश अभियान चलेगा
सीएम यादव ने कहा कि विकास गतिविधियों का तेजी से क्रियान्वयन हो और जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी को सुगमता से लाभ मिले, इसके लिए सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तय करते हुए जवाबदेही तय करने की व्यवस्था को सशक्त करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य “समृद्ध किसान-समृद्ध” प्रदेश है। किसान वर्ष में राज्य शासन के लिए यह यह गतिविधि किसी एक या 2 विभाग की न होकर 15 से अधिक बड़े विभागों का संयुक्त अभियान होगी।
इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण के साथ ही उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नवकरणीय ऊर्जा, जल संसाधन, मत्स्य पालन, नर्मदा घाटी विकास, ऊर्जा विभाग, राजस्व, वन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम, औद्योगिक नीति निवेश एवं प्रोत्साहन के साथ ही मंडी बोर्ड, बीज निगम, एमपी एग्रो, दुग्ध संघ, मार्कफैड, वेयरहाउसिंग और आजीविका मिशन को समन्वित रूप से गतिविधियां संचालित करना होंगी।

अफसरों को सुनाया किस्सा, हाथी के बच्चों ने मार दिया धक्का
बैठक के दौरान जब वन विभाग की उपलब्धियां गिनाई जा रही थीं तो सीएम यादव ने अफसरों को किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक बार वे एक स्थान पर गए तो पता चला कि हाथी ने दो जुड़वा बच्चे पैदा किए हैं। इसके बाद वे उन्हें नजदीक से देखने गए और इसी दौरान हाथी के बच्चों ने उन्हें धक्का मार दिया।

जिसको समझाया मृत्युभोज न करो, उसी की मृत्यु के बाद जाना पड़ा
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि वे मृत्युभोज के समर्थक नहीं हैं। एक बार इसको लेकर संबोधन दिया तो एक व्यक्ति नाराज हो गया। उसने कहा कि जो समर्थ है, उसे मृत्युभोज कराना चाहिए। इसमें रोक नहीं लगना चाहिए। उसे समझाईश दी और लौट के आ गए तो पता चला कि उसी की मृत्यु हो गई। उसके घर जाना पड़ा। अब चूंकि मृत्युभोज में कुछ खाता नहीं हूं, इसलिए वहां के लोगों ने खाने के लिए दबाव बनाया। काफी मना किया तो भी नहीं माने और इसके चलते जूस पीकर लौटना पड़ा।

यह निर्देश भी दिए सीएम यादव ने

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी विभाग प्रमुख, संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के संपर्क में रहें। राज्य की प्रगति और योजनाओं तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं से केंद्र शासन को समय रहते अवगत कराएं।
प्रदेश में आगामी 5 वर्ष की कार्य योजना तैयार करने के साथ 3 वर्ष के बजट अनुमान की व्यवस्था भी की जा रही है। सड़क, अस्पताल, सिंचाई परियोजना, सार्वजनिक भवन निर्माण की समेकित योजनाएं बनाकर उनका दस्तावेजीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मृत्यु भोज, विवाह समारोह में अपव्यय रोकने जैसे सामाजिक सुधारों के लिए भी वातावरण निर्मित किया जाए।
प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने में गायत्री परिवार तथा अन्य सामाजिक धार्मिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाए।

12 जनवरी से शुरू होगा संकल्प से समाधान अभियान
12 जनवरी से 31 मार्च तक संकल्प से समाधान अभियान-वन आरंभ किया जा रहा है। यह अभियान 106 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं पर केंद्रित होगा। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि शिविरों में मिले सभी आवेदनों का अंतिम निराकरण 31 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से हो। अभियान के प्रथम चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक घर-घर जाकर आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
दूसरा चरण 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होगा। इसमें क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। तीसरा चरण 16 मार्च से 26 मार्च तक चलेगा, इसमें ब्लॉक स्तर पर अनिराकृत शेष आवेदन, शिकायतों और नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। चौथा चरण जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर सभी अनिराकृत शेष आवेदन व शिकायतों और नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जावेगा।

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