भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम को गुना और सीधी में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया। गुना हवालाकांड के बाद एसपी अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। वहीं जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के बाद सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी हटाने के निर्देश दिए।
दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव मिर्जापुर से सीधे सीधी पहुंचे थे। यहां स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान उन्हें कई शिकायतें मिलीं। जिसके बाद उन्होंने ये एक्शन लिया।
सीएम ने कहा था- रात तक परिणाम सामने आएगा
सीधी जिला मुख्यालय का दौरा करने के बाद सीएम ने कहा था कि मुझे अलग-अलग प्रकार की शिकायतें मिली हैं। आज के दौरे का परिणाम हो सकता है रात तक सामने आएगा।
मैं उम्मीद करता हूं कि जो अधिकारी जहां काम कर रहे हैं उनको जवाबदारी के साथ काम करना चाहिए। जवाबदारी उनकी नियुक्ति के साथ ही होती है। ऐसे में अगर मैदानी कार्रवाई में शिकायतें प्राप्त होती हैं तो मैदान में रहने के बजाए फिर उनको वल्लभ भवन में बैठाना ज्यादा अच्छा है।
गुना में कारोबारी की कार से मिले थे 1 करोड़
गुना पुलिस ने गुजरात के एक जीरा कारोबारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपए कैश पकड़ा था, लेकिन आरोप है कि 20 लाख रुपए लेकर उसे छोड़ दिया गया। मामला तब पलटा, जब गुजरात के एक IPS अधिकारी का फोन आने के बाद धरनावदा पुलिस ने लिए गए 20 लाख रुपए वापस कर दिए।
मामला सामने आते ही डीआईजी अमित सांघी देर रात गुना पहुंचे और जांच शुरू की गई। इसके बाद थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया, जिनमें एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं। शुरुआती जांच में इनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद कार्रवाई की आंच एसपी तक पहुंची और उन्हें हटा दिया गया।
सीधी में जनप्रतिनिधियों ने की थी शिकायतें
सीएम मिर्जापुर से अचानक सीधी पहुंचे और वहां स्थानीय जनों और राजनेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें वहां कलेक्टर को लेकर कई शिकायतें मिलीं, जिसके बाद सोमवंशी को हटाने के निर्देश दिए। वहीं जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
