MP Cabinet: आज रात 12 बजे तक हो सकेंगे ट्रांसफर, तबादलों की डेडलाइन बढ़ी

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने तबादला अवधि में 24 घंटे की अतिरिक्त राहत देते हुए इसकी समय-सीमा बढ़ा दी है। अब प्रदेश में आज रात 12 बजे तक तबादले किए जा सकेंगे।
गौरतलब है कि 20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को आदेश जारी कर सभी विभागों को 15 जून तक तबादले करने के निर्देश दिए थे। अब सरकार ने एक दिन का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है।
इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत बढ़ी, संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी
मोहन कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। परियोजना की अनुमानित लागत पहले करीब 7,500 करोड़ रुपए तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 12,900 करोड़ रुपए कर दिया गया है। बढ़ती लागत और परियोजना की जरूरतों को देखते हुए संशोधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अलावा कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की करीब 24 हजार करोड़ रुपए लागत वाली योजनाओं को निरंतर जारी रखने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से विकास कार्यों की गति बनाए रखी जाएगी।
स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी
मोहन कैबिनेट ने स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। नीति का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और अस्पतालों तथा डायग्नोस्टिक केंद्रों को प्रोत्साहन देना है। इसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत परोपकारी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों एवं डायग्नोस्टिक केंद्रों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।
नीति के अनुसार, इन संस्थाओं को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। इस योजना के कार्यान्वयन और आवश्यक मानदंड तय करने के लिए पांच कैबिनेट मंत्रियों की एक समिति गठित की गई है, जो सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।
अस्पताल चलाने वाले ट्रस्टों को जमीन देने की तैयारी
मोहन कैबिनेट में अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर अहम चर्चा हुई। सरकार ने ऐसे ट्रस्टों को जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया है, जो अस्पतालों का संचालन करने में सक्षम हैं।
इसके लिए पांच मंत्रियों की एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति तय करेगी कि ट्रस्टों को जमीन अलॉट करने के लिए क्या मानदंड होंगे और इस संबंध में अन्य सुझाव भी सरकार को देगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए आगे निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के बाद मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अस्पतालों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। वहीं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रस्ताव अभी विचाराधीन है, इसलिए इस पर फिलहाल अधिक जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा।



