MP: भगौरिया लोकपर्व को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जायेगा

भोपाल। विधानसभा में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालवा अंचल के जनजातीय क्षेत्रों में मनाए जाने वाले भगौरिया लोकपर्व को सरकार ने राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय बहुल जिलों बड़वानी, धार और झाबुआ में सरकार कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भगौरिया पर्व के दौरान ही कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी।
इधर, सीएम ने बताया कि किसानों के हित में की गई घोषणाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार उड़द के उपार्जन पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी। वहीं, सरसों के लिए 71 लाख टन उत्पादन मानते हुए भावांतर योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। सरसों उत्पादन 28 प्रतिशत बढऩे का अनुमान है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के हित में की गई घोषणा स्वागत योग्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी के भोपाल में होने के कारण सरकार ने यह फैसला लिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी से तीन सवाल पूछे जाएं, जिनमें रबी में बोई जाने वाली फसल का नाम भी शामिल हो। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शून्यकाल की सूचनाओं को पढ़ा हुआ घोषित किया। इसके पश्चात मंत्रियों द्वारा पत्र पटल पर रखे जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
बड़वानी, धार और झाबुआ में कृषि कैबिनेट की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय बहुल जिलों बड़वानी, धार और झाबुआ में सरकार कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भगौरिया पर्व के दौरान ही कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देना है। इस पहल से क्षेत्र के किसानों और स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा।

ध्यानाकर्षण में उठा जमीन बंदोबस्त का मामला
विधानसभा में कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने खरगोन के भीकनगांव, झिरन्या और महेश्वर क्षेत्र में जमीन बंदोबस्त नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी से लोगों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने भी समर्थन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि गड़बड़ी हो तो कलेक्टर या तहसीलदार को आवेदन दें, जांच कर सुधार किया जाएगा।
10 सालों में नहीं हो सका नहर निर्माण
विधानसभा में भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सिवनी और केवलारी क्षेत्र में नहर निर्माण और सीमेंटीकरण का काम पूरा नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। विधायक ने कहा कि विभाग के अधिकारी मंत्री तुलसी सिलावट को गलत जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण की समय सीमा तीन से चार बार बढ़ाई गई, लेकिन इसके बाद भी काम अधूरा है। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि काम में देरी हुई है और वह खुद इस बात को स्वीकार करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष कार्य वर्ष 2026 में पूरा कर लिया जाएगा।
सरपंच मानदेय का मामला
विधानसभा में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने सरपंचों को मानदेय नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई सरपंच शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब में बताया कि सरपंच को 4250 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। पंच को प्रति बैठक 300 रुपए के हिसाब से अधिकतम 1800 रुपए वार्षिक देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरपंच का मानदेय लंबित नहीं है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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