बड़वानी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक आज बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में हुई। भीलटदेव मंदिर की तलहटी पर बने 8 एकड़ के गार्डन को अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप दिया गया था। इस विशेष बैठक में करीब 25 मंत्री शामिल हुए, हालांकि कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल बैठक में नहीं पहुंचे। प्रहलाद पटेल के पैर का आपरेशन हुआ है। हाट में सीएम ने चाय के लिए जैविक गुड़ लिया और 150 रुपए कैश दिए।
कैबिनेट के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम किसान कल्याण वर्ष मना रहे हैं। इसी कड़ी में अलग-अलग क्षेत्रों में कृषि कैबिनेट कर रहे हैं। किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं में फैसला किया गया है। इनमें 27 हजार 746 करोड़ का खर्च होगा। मुख्यमंत्री ने 24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान इस कृषि कैबिनेट की घोषणा की थी। यह प्रदेश सरकार की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक रही। बैठक में निमाड़ अंचल के सात जिलों—खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर के कृषि और विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस रखा गया।
कैबिनेट के निर्णय
किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं में फैसला
इन योजनाओं में सरकार पर 27 हजार 746 करोड़ का भार आएगा।
वरला ओर पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी।
सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने को मंजूरी।
बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी।
बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि उपज मंडी बनाएंगे।
मछली उत्पादन से जुड़े कारोबार में निवेश को लेकर नई मत्स्य पालन नीति लाएंगे।
नई नीति में मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर तैयार करने, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और मछलियों के फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान होगा।
महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने की तैयारी।
भीलट देव व्याख्यान केंद्र का लोकार्पण
भीलट देव शिखरधाम मंदिर पर करीब 80 लाख रुपए की लागत से बने भीलट देव व्याख्यान केंद्र का सीएम ने लोकार्पण किया। व्याख्यान केंद्र मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा बनाए गया और खनिज संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत है।
