MP : पटवारी सुसाइड केस में एक्शन, नायब तहसीलदार निलंबित, परिजनों का पोस्टमार्टम से इनकार, FIR की मांग को लेकर विधायक भी धरने पर

रतलाम। आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी के सुसाइड मामले में बढ़ते विरोध के बाद कलेक्टर मिशा सिंह ने नायब तहसीलदार सविता राठौर को निलंबित कर दिया है। मंगलवार रात से ही मृतक के परिजन और पटवारी संघ नायब तहसीलदार पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर थाने में धरने पर बैठे थे।

बुधवार सुबह परिजनों ने एफआईआर (FIR) दर्ज होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठ गए। वर्तमान में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और जयस नेताओं के साथ परिजन अपनी मांग पर अड़े हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारी उन्हें लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

बुधवार सुबह मृतक के परिजन पोस्टमार्टम न कराने को लेकर अड़ गए। उनका कहना है कि पहले नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी। इसके बाद बड़ी संख्या में समाजजन और पटवारी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए और वहीं बैठकर विरोध जताने लगे।

स्थिति संभालने के लिए अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एसडीएम आर्ची हरित मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारी परिजनों के बीच जमीन पर बैठकर उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे नहीं माने। काम बंद कर धरने पर बैठे परिजनों और पटवारियों के साथ सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, दिनेश माल समेत अन्य जयस नेता भी बैठ गए हैं। करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह भी धरने में शामिल हो गए। निलंबन की कार्रवाई की बात अब सभी नायब तहसीलदार के खिलाफ fir करने की मांग पर अड़े हुए है।

दबाव बनाने और छुट्टी न देने का आरोप, विधायक की आंदोलन की चेतावनी

पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने बताया कि नायब तहसीलदार के दबाव के कारण उनके साथी ने मौत को गले लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार सविता राठौर ने नियम विपरीत काम कराने का अनुचित दबाव बनाया और भाई की शादी में भी छुट्‌टी नहीं दी।

पटवारी संघ ने हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं, धरने में शामिल सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा, “नायब तहसीलदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रयास का केस दर्ज होना चाहिए। कार्रवाई नहीं होती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”

सुसाइड नोट को मृत्यु पूर्व बयान मानने की मांग, थाने में चला धरना
इससे पहले मंगलवार रात 11:30 बजे पटवारी और परिजन थाना औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे थे और बुधवार सुबह 4:30 बजे तक डटे रहे। उनका कहना था कि मृतक ने मौत से पहले जो लेटर लिखा है, उसे मृत्यु पूर्व बयान माना जाए और तुरंत केस दर्ज हो।
थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने समझाया कि मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है और पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने परिजनों से अपनी मांगें लिखित में देने को कहा है। जानकारी के अनुसार, परिजन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक पटवारी का शव लेकर अपने पैतृक गांव जाएंगे।

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पटवारी की माँ

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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