MP : 309 दिनों में 33 कर्ज लिए गए, चालू वित्त वर्ष में 62300 करोड़ का कर्ज बाजार से उठाया, सिंघार ने उठाए सवाल

भोपाल. मोहन यादव सरकार ने बाजार से आज चालू वित्त वर्ष का तैतीसवां कर्ज लिया है। जनवरी तक सरकार 30 कर्ज ले चुकी है और आज तीन नए कर्ज लिए जाने के बाद इसका आंकड़ा 33 तक पहुंच गया है जबकि अभी वित्त वर्ष के करीब दो महीने का समय बाकी है। आज लिए जा रहे कर्ज के बाद राज्य सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष में लिया गया कर्ज 62300 करोड़ तक पहुंच गया है। आज लिए गए तीनों ही कर्ज की 5200 करोड़ की रकम का भुगतान राज्य सरकार को बुधवार को किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कर्ज पर कहा कि जनता के भरोसे को गिरवी रखने का काम मोहन यादव सरकार कर रही है।
एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर लिए जा रहे कर्ज के लिए वित्त विभाग ने नोटिफिकेशन में कहा है कि यह पहला लोन 1200 करोड़ का होगा जो सात साल के लिए लिया जा रहा है। दूसरा और तीसरा कर्ज 2000-2000 करोड़ रुपए के हैं जो 17 साल और 22 साल की खातिर हैं।
महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज
चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया।
जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए।
जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए।
अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए।
सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए।
अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए।
नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए।
दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए।
जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया।
फरवरी में अब तक 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।
सिंघार बोले, प्रदेश की जनता के भरोसे को गिरवी रखा जा रहा

मोहन सरकार द्वारा लिए जा रहे कर्ज को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि बजट के नाम पर कर्ज ! भाजपा सरकार एक बार फिर 5200 करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। लगातार कर्ज लेकर प्रदेश की जनता के भरोसे को गिरवी रखा जा रहा है। लगातार बढ़ता कर्ज इस बात का प्रमाण है कि दो दशकों से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह फेल है। कर्ज का पैसा आखिर जा कहां रहा है? जनता की मेहनत की कमाई का हिसाब दे सरकार! आज कर्ज कल प्रदेश का भविष्य …..? मध्यप्रदेश की जनता को कर्ज नहीं, जवाबदेही और सुशासन चाहिए।





