MP : उड़द पर ₹600 बोनस,1 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड मिलेंगे,’कृषि वर्ष’ पर हुई वर्कशॉप में सीएम बोले- हम 5 रुपए में किसान को पंप कनेक्शन दे रहे

भोपाल। राजधानी भोपाल में आज कृषि वर्ष 2026 को लेकर वर्कशॉप हुई। कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भाजपा के मध्य प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, एदल सिंह कंसाना, करण सिंह वर्मा, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विजय शाह लखन पटेल, गौतम टेटवाल, राकेश शुक्ला, नारायण सिंह कुशवाह, दिलीप अहिरवार, नारायण सिंह पंवार, राधा सिंह, तुलसी सिलावट, धर्मेंद्र सिंह लोधी, आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यशाला में मौजूद मंत्रियों, विधायकों और बीजेपी पदाधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि इनका लाभ सीधे लोगों के घरों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार के विभिन्न विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित रूप से काम कर रहे हैं और जनप्रतिनिधियों को भी इन योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा- पूरे देश में मध्यप्रदेश ही ऐसा राज्य है जहां किसानों को कृषि पंप का बिजली कनेक्शन मात्र ₹5 में दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य किसानों के बीच काम और उत्पादन का बेहतर माहौल बनाना है।
पर्यटन से भी बढ़ेगी आय
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13 धार्मिक पर्यटन केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इनमें उज्जैन, सलकनपुर, दतिया और ओरछा जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर विकास कार्य चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि होम-स्टे योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति अपने घर में 3-4 कमरे बनाकर पर्यटकों को ठहराता है तो उसे न तो बिजली का कमर्शियल कनेक्शन लेना होगा और न ही होटल लाइसेंस की जरूरत होगी। साथ ही 20 लाख रुपए तक की आय को जीएसटी से भी बाहर रखा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आय बढ़ेगी।
खेती के साथ अतिरिक्त आय के स्रोत
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान यदि खेती के साथ मधुमक्खी पालन, पशुपालन या अन्य गतिविधियां जोड़ते हैं तो उनकी आय बढ़ सकती है। उन्होंने किसानों को ज्यादा दूध देने वाली नस्लों के पशु पालने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा सत्र से पहली से आठवीं तक के बच्चों को स्कूलों में मुफ्त दूध दिया जाएगा, जिससे कुपोषण कम होगा और प्रदेश में दूध की खपत तथा उत्पादन दोनों बढ़ेंगे।
दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध के दाम में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 12.5 लाख लीटर दूध का रोजाना कलेक्शन हो रहा है, जिससे पशुपालकों की आमदनी बढ़ेगी।
सिंचाई और कृषि विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही किसानों के लिए कृषि यंत्रों की ‘सहयोग’ नाम से दुकानें विधानसभा क्षेत्रों में खोली जाएंगी।
वृंदावन ग्राम की गोशालाओं में आसपास के गांवों का भूसा आएगा
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि वृंदावन ग्राम योजना के तहत गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और आसपास के गांवों में नरवाई जलाने के बजाय भूसा गोशालाओं तक पहुंचाया जाए। इसके लिए ट्रॉली और उपकरण सरकार उपलब्ध कराएगी।
विधानसभा स्तर पर चार-पांच सम्मेलन करें
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विधानसभा स्तर पर किसान सम्मेलन आयोजित किए जा सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग प्रत्येक विधानसभा को 5 लाख रुपए तक की राशि उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने किसानों से अपने घरों और खेतों में सोलर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने की भी अपील की।
खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस
‘किसान कल्याण वर्ष’ में किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन से लेकर पशुपालन, मत्स्य पालन, सिंचाई, ऊर्जा और सहकारिता तक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ देने वाले फैसले शामिल हैं। जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में इन योजनाओं की जानकारी दी गई।
कृषि वर्ष में किसानों को क्या मिलेगा फायदा
उड़द बोने पर मिलेगा ₹600 प्रति क्विंटल बोनस: प्रदेश में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए ग्रीष्मकालीन उड़द की खेती करने वाले किसानों को MSP के अलावा ₹600 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इससे उड़द का प्रभावी मूल्य लगभग ₹8400 प्रति क्विंटल तक पहुंच जाएगा।
0% ब्याज पर मिलेगा फसल ऋण: सहकारिता विभाग ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने के लिए ₹25 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा है। साथ ही प्रदेश में 1 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी किए जाएंगे।
छोटे किसानों को मुफ्त बिजली: 1 हेक्टेयर तक जमीन वाले SC-ST किसानों के 5 HP तक के कृषि पंपों का पूरा बिजली बिल सरकार भरेगी।इसके अलावा अन्य किसानों को भी रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
मछली पालन से भी कमाई: नई मत्स्य नीति के तहत बड़े जलाशयों में 1 लाख केज लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 3 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त मछली उत्पादन होगा और किसानों को नया आय स्रोत मिलेगा।
फल-सब्जी और औषधीय फसलों पर 50% सब्सिडी: सरकार ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, एवोकाडो, ब्रोकली जैसी हाई-वैल्यू फसलों को बढ़ावा दे रही है। इन फसलों की खेती पर 50% तक अनुदान दिया जाएगा।
तकनीक से जुड़ेगा किसान: राज्य सरकार का लक्ष्य सभी किसानों को एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। अभी तक 1.03 करोड़ किसानों का पंजीकरण हो चुका है। इससे योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा और फसल सर्वे भी डिजिटल तरीके से होगा।
पराली नहीं जलाने पर भी जोर: फसल अवशेष प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर, मल्चर और स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे खेत की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य: पशुपालन विभाग नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान के जरिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर काम करेगा। सरकार का लक्ष्य दूध उत्पादन को दोगुना करना है।





