Mohan cabinet कैलाश, राजेंद्र, उदय प्रताप, राकेश सिंह, विश्वास, चैतन्य काश्यप के बाद नए नवेले और विवादित मंत्री नरेंद्र पटेल को सबसे महत्वपूर्ण जानकारी देने दी जिम्मेदारी

संजय सोनी

भोपाल। कैबिनेट की प्रेस ब्रीफिंग कई महीनो में दिग्गजों को मुंह चढ़ा रही है,, अभी तक जो दिग्गज मंत्री कैबिनेट मीडिया मैनेजमेंट की जिम्मेदारी को अपना तमगा समझते थे,, मोहन सरकार के प्रयोग उनका मुंह चिढ़ा रहे हैं,,कई वर्षों से अमूमन मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को आज सोमवार को हो गई,, इस बैठक में लगभग सभी दिग्गज मंत्री मौजूद थे,, लेकिन जब प्रेस ब्रीफिंग की बात आई,,,तो सरकार के पहली बार के विधायक, पहली बार के मंत्री और सबसे विवादित मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को प्रेस ब्रीफिंग का जिम्मा देना विरोधाभास का कारण बन गया,,सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने विभाग जनसंपर्क में आयुक्त के मामले में जितने प्रयोग किए उतने ही कैबिनेट की ब्रीफिंग के मामले में भी किए,,,आज भी नरेंद्र शिवाजी पटेल को कैबिनेट ब्रीफिंग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे दी,, मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के समाप्ति के बाद जैसे ही चैतन्य काश्यप को अनुपस्थित पाया तो उन्होंने नरेंद्र पटेल को ब्रीफिंग के लिए कह दिया,,,उनके इतना कहते ही कुछ सेकेंड के लिए सनाका खिंच गया,,नरेंद्र वह मंत्री हैं जो सबसे ज्यादा विवादों में घिरे हैं,,खासतौर से मीडिया के मामले में,,,वह इलेक्ट्रॉनिक चैनल के पत्रकारों को धमकाने से विवादों में आए थे,,कुछ पत्रकार संगठनों ने थाने में जाकर मंत्री के खिलाफ शिकायत और FIR की बात की थी,,अपने पुत्र के खिलाफ भोपाल के एक थाने में जाकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को चमकाने,,ग्वालियर में रेस्टोरेंट में जगह न मिलने से नाराज होकर मलिक को धमकाने,,भाषणों में कुछ भी अनर्गल बात करने,,भाजपा कार्यकर्ताओं के काम न करने पर धमकाने,,और उनको दफ्तर से निकल जाने जैसे कई विवाद उनके नाम जुड़े हैं,,इतना ही नहीं अपने विभाग के कैबिनेट मंत्री,,मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कई तरह की बातें कर चुके हैं,,

साभार

Exit mobile version