IT Raid : माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के कई ठिकानों पर दिल्ली आयकर विभाग की टीम ने मारा छापा

भोपाल। दिल्ली से आई आयकर विभाग की टीम में खनन कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर छापा मारा है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग में शिकायत की गई थी कि कारोबारी दिलीप गुप्ता ने स्वीकृति से ज्यादा खनन किया और इसके लिए उसने माइनिंग में दलाली के लिए प्रभावशाली व्यक्ति को 5 करोड़ रुपये की रिश्वत भी दी।
दिल्ली से आई आयकर विभाग की टीम ने भोपाल में दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर एक साथ छापा मार कार्रवाई की, आईटी की टीमों ने भोपाल के अलावा दिल्ली, छतरपुर, कानपुर सहित कई अन्य ठिकानों पर भी छापा मारा है, सभी ठिकानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सर्च के दौरान अधिकारी बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। दिलीप गुप्ता को प्रदेश में माइनिंग कारोबार से जुड़े बड़े नामों में गिना जाता है। उनके व्यवसाय का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ बताया जाता है। ऐसे में आयकर विभाग की इस कार्रवाई को बड़े वित्तीय मामलों की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद कर्मचारियों और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग के अधिकारी कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाल रहे हैं। माना जा रहा है कि डिजिटल डेटा के जरिए कई वित्तीय लेनदेन और कारोबारी गतिविधियों की जानकारी सामने आ सकती है। इसके अलावा टीम ने कई दस्तावेजों और फाइलों को भी जब्त किया है, जिनकी आगे जांच की जाएगी।
यह पहला मौका नहीं है जब दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की हो। इससे पहले भी मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) उनके ठिकानों पर छापा मार चुकी है। उस दौरान टीम ने भारी मात्रा में नकदी, दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण फाइलें जब्त की थीं। उस कार्रवाई के बाद भी उन कारोबार और वित्तीय गतिविधियों को लेकर जांच जारी रही थी। सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग की ताजा कार्रवाई उसी जांच का विस्तार हो सकती है। अधिकारियों को शक है कि कारोबार से जुड़े कई लेनदेन आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए गए हैं या फिर आय से ज्यादा संपत्ति का मामला हो सकता है। इसी वजह से आयकर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू की है।
सर्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई है। अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस की टीम भी मौजूद है ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की बाधा न आए। इलाके में सुबह से ही हलचल का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में अधिकारी मौके पर पहुंचते देख आसपास के लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई। आयकर विभाग की टीम फिलहाल दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वित्तीय अनियमितताओं का मामला कितना बड़ा है। फिलहाल छापेमारी की कार्रवाई जारी है और कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में सरकार कर चोरी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी के तहत बड़े कारोबारियों और कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड की लगातार जांच की जा रही है। भोपाल में हुई यह कार्रवाई भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल सभी की नजर आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले समय में जांच पूरी होने के बाद यह साफ हो सकेगा कि माइनिंग कारोबार से जुड़े इस मामले में क्या-क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे कौन-कौन से कदम उठाए जाते हैं।





