Indore : अब किडनी, लिवर सहित मल्टी ऑर्गन फेल…3 मरीजों पर संकट, इंदौर दूषित पानी से 45 एडमिट मरीजों में से 11 ICU में, आज से शुद्ध जल अभियान

इंदौर. भागीरथपुरा में दूषित पानी से 20 मौतों के बाद अब धीरे-धीरे नए मरीजों की संख्या कम हुई है। इलाज के बाद मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया जा रहा है। शुक्रवार को ओपीडी में डायरिया के 15 नए मरीज पहुंचे, जिनमें से दो को भर्ती किया गया। अब तक कुल 414 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिनमें से 369 को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

फिलहाल 45 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 11 मरीज आईसीयू में हैं, जबकि चार मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इन गंभीर मरीजों को किडनी और लिवर की समस्या के साथ मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी जटिलताएं हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। जो चार मरीज करीब एक हफ्ते से वेंटिलेटर पर हैं। उनमें ज्यादातर वृद्ध हैं और कुछ तो कोमॉर्बिड (दूसरी बीमारियां) भी हैं।

इससे पहले शुक्रवार देर शाम अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय नीरज मंडलोई और इंदौर जिले के प्रभारी, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन की विशेष उपस्थिति में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में भागीरथपुरा क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की गई। कमिश्नर डॉ. सुदाम खाडे, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

आज से प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान
मुख्य सचिव मंडलोई और अनुपम राजन ने बताया कि 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान में शुद्ध जल आपूर्ति पर विशेष ध्यान रहेगा। इसमें सभी जल स्रोतों की जांच, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जाएगी।

भागीरथपुरा की घटना को चेतावनी मानते हुए पूरे प्रदेश में जल आपूर्ति प्रणाली की सतत समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे हालात न बनें और नागरिकों को सुरक्षित पेयजल मिल सके।
मंडलोई ने नगर निगम को निर्देश दिए कि शुद्ध और सुरक्षित जल उपलब्ध कराने के लिए हमेशा तत्पर और सजग रहें। नई रणनीति के तहत शासन-प्रशासन पूरी तरह तैयार है और पूरे प्रदेश में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

हर 50-100 घरों पर एक प्रभारी अधिकारी तैनात रहेंगे
भागीरथपुरा क्षेत्र के लगभग 50 हजार परिवारों को 20–25 जोन में विभाजित किया जाएगा। गठित स्वसहायता समूहों और आवश्यकता के अनुसार नए स्वसहायता समूह गठित कर स्थानीय महिलाओं और आमजन की भागीदारी विकासात्मक तथा कल्याणकारी गतिविधियों में सुनिश्चित की जाएगी।
हर 50–100 घरों पर एक प्रभारी अधिकारी तैनात रहेंगे। समूहों द्वारा अस्पताल से डिस्चार्ज मरीजों से लगातार संपर्क, दवाओं की निगरानी और रिलेप्स रोकने पर फोकस रहेगा।

मेन पाइपलाइन से जुड़े सभी सरकारी बोरवेल सील
बैठक में बताया गया कि मेन पाइपलाइन से जुड़े सभी सरकारी बोरवेल सील किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार का कंटामिनेशन रोका जा सके। भागीरथपुरा क्षेत्र का ओवरहेड टैंक परीक्षण में सुरक्षित पाया गया है। 13 जनवरी से टंकी के माध्यम से जलप्रदाय फिर शुरू किया जाएगा।
जल शुद्ध पाए जाने के बावजूद एहतियातन उबालकर पानी पीने की एडवाइजरी जारी रहेगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि समस्या के तत्काल निवारण के साथ-साथ स्थायी समाधान के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएं।

screenshot 20260110 1340338632939821059395969

घटना दुर्भाग्यपूर्ण रही, लेकिन सबक लिया
अपर मुख्य सचिव राजन ने माना कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण रही, लेकिन इससे सबक लेते हुए शासन-प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। पीड़ितों को श्रेष्ठ चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराना और नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में किट दी जा रही है। इस हर किट में 10 पैकेट ओआरए और 30 गोलियां जिंक की हैं। क्षेत्र में एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। 24×7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को एमवाय चिकित्सालय, अरबिंदो अस्पताल और बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है।
जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहां पर भी मुफ्त इलाज, जांच और दवाई की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से कराई जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया जा रहा है, जिसमें उल्टी-दस्त से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

Related Articles