IAS : पश्चिम बंगाल को पहली महिला मुख्य सचिव मिलीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य की नई मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे इस पद पर पहुंचने वाली राज्य की पहली महिला अधिकारी हैं। मौजूदा मुख्य सचिव मनोज पंत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया। नंदिनी 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में गृह सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। इस नियुक्ति के साथ ही पश्चिम बंगाल संभवत: देश का पहला राज्य बन गया है, जहां मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव दोनों महिला हैं।
नंदिनी चक्रवर्ती ने निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज पंत की जगह ली है. मनोज पंत को रिटायरमेंट के बाद 6 महीने का एक्सटेंशन मिला था जो 31 दिसंबर को खत्म हो गया. हालांकि, ममता बनर्जी ने पंत को भी नहीं छोड़ा है; उन्हें मुख्यमंत्री का प्रिंसिपल सेक्रटरी नियुक्त किया गया है. अब होम सेक्रटरी की जिम्मेदारी 2004 बैच के आईएएस अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा को सौंपी गई है.
नंदिनी चक्रवर्ती का जन्म 5 फरवरी 1973 को कोलकाता में हुआ। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई लेडी ब्रेबोर्न कॉलेज से की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मास्टर डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उनकी प्रतिभा को पहचान मिली और 1993 में उन्हें जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

IAS बनने के बाद नंदिनी चक्रवर्ती ने कई अहम विभागों में काम किया। वाम मोर्चा सरकार के समय वह WBIDC की प्रमुख रहीं, जब सिंगुर और नंदीग्राम आंदोलन अपने चरम पर थे। 2011 में तृणमूल कांग्रेस की सरकार आने के बाद भी उन्हें इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और सूचना-संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी मिली। बाद में 2024 में उन्हें राज्य का गृह सचिव बनाया गया, जो मुख्य सचिव बनने की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ।
नंदिनी चक्रवर्ती एक बंगाली हिंदू परिवार से आती हैं और अविवाहित हैं। उन्होंने अपना जीवन पूरी तरह सार्वजनिक सेवा को समर्पित किया है। उनका सफर यह बताता है कि अच्छी शिक्षा, निरंतर मेहनत और धैर्य के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए वह एक मजबूत रोल मॉडल हैं, जो यह सिखाती हैं कि असफलता नहीं, बल्कि वापसी मायने रखती है।





