Go Back…खजुराहो नृत्य महोत्सव में बोरिंग भाषणों पर पर्यटकों की हूटिंग, वापस जाओ – वापस जाओ, के नारे लगाए….

खजुराहो। विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव के पहले ही दिन मंच पर ऐसी परिस्थिति बनी, जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया। समय शाम 6. 30 बजे तय था, लेकिन मुख्य अतिथि और अन्य मंत्री देर से समारोह में पहुंचे। दर्शक दीर्घा में बैठे देसी और विदेशी पर्यटक लंबे समय तक इंतजार कर रहे थे। समारोह लगभग दो घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे कई लोगों का धैर्य जवाब दे गया।
पहले तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब 16 मिनट तक अपना संबोधन दिया। सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी 3 मिनट तक अपनी बात रखी। इस समय तक लोग बोर हो चुके थे, इसलिए जैसे ही संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण शुरू हुआ, तो दर्शक बुरी तरह भडक़ गए।
पर्यटकों को नृत्य का इंतजार था, लेकिन नेताओं के लंबे भाषणों ने उनका सब्र तोड़ दिया। देखते ही देखते सामने बैठी भीड़ गो बैक के नारे लगाने लगी और चारों तरफ से हो-हो का शोर सुनाई देने लगा। हैरानी की बात यह रही कि इतनी भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी अपना भाषण देते रहे। वे करीब 6 मिनट तक बोले और अंत में जब शोर और बढ़ा, तो वे चार पंक्तियां सुनाने की जिद पर अड़ गए। दर्शकों की पीड़ा समझते हुए उन्होंने मंच से यह तो स्वीकार किया कि लोग कार्यक्रम देखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन फिर भी बिना अपनी कविता सुनाए और जयकारे लगवाए बगैर वे मंच से नीचे नहीं उतरे।
विदेशी बोले- हम अनुभव को जीना चाहते थे
इस पूरे घटनाक्रम पर वहां मौजूद विदेशी पर्यटकों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इटली के फ्लोरेंस से आए एलेसांद्रो ने कहा कि हम इटली में माहौल को महसूस करने और नृत्य देखने के आदी हैं, न कि लंबे भाषण सुनने के। हम अनुभव को जीना चाहते थे। वहीं उनकी साथी जूलिया ने कहा-यह जगह और माहौल बेहद शानदार है, लेकिन मंत्री जी ने शायद कुछ ज्यादा ही बातें कर दीं। हम वास्तव में केवल नृत्य देखना चाहते थे।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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