जबलपुर। जबलपुर में ED (प्रवर्तन निदेशालय) की भोपाल टीम ने गुरुवार को राजुल ग्रुप के ठिकानों पर छापा मारा। विदेशी निवेश और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। कारोबारियों के यहां से करीब 31 लाख रुपए नकद बरामद हुए हैं।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने पुर्तगाल में करीब 5.10 लाख यूरो (करीब ₹4.6 करोड़) का फ्लैट खरीदा है। इसके अलावा करीब 2.1 करोड़ रुपए अभी भी लिस्बन के एक बैंक खाते में जमा हैं। वहीं, लगभग 4.20 लाख यूरो (करीब 3.65 करोड़ रुपए) भी पुर्तगाल भेजे गए हैं।
ईडी के मुताबिक, राजुल ग्रुप और उसके साझेदारों से जुड़े तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई विदेशी लेन-देन और काले धन से जुड़े मामलों को लेकर की जा रही है। कंपनी ने चोरी-छिपे 8.20 करोड़ रुपए से ज्यादा विदेश भेजे हैं।
चोरी-छिपे विदेश भेजा गया पैसा और फ्लैट से कमाई
जांच में यह भी सामने आया कि प्रियंक मेहता ने लिस्बन में फ्लैट खरीदा। उससे किराया भी कमा रहे थे, लेकिन इस विदेशी संपत्ति और कमाई की जानकारी आयकर में नहीं दी गई। इसके अलावा, एलआरएस स्कीम के तहत करीब 5.48 लाख अमेरिकी डॉलर भी विदेश भेजे गए।छापे में मिले कागजों की जांच में यह भी सामने आया कि करीब 2.1 करोड़ रुपए अभी भी विदेश के बैंक खाते में जमा हैं। राजुल बिल्डर्स 1982 में शुरू हुई कंपनी है, जो जबलपुर में रियल एस्टेट का काम करती है।
