Raid : इंद्रजीत यादव के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, पांच करोड़ नकद, 8.8 करोड़ के आभूषण मिले

नई दिल्ली। ईडी ने मंगलवार 30 दिसंबर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 24 घंटे से अधिक समय तक चली छापेमारी में भारी मात्रा में नकदी और करोड़ों रुपये के आभूषण बरामद किए हैं। ईडी ने यह छापेमारी इंद्रजीत सिंह यादव, उनके सहयोगियों के ठिकानों पर की। तलाशी अभियान में जांच एजेंसी ने 5.12 करोड़ रुपये नकद, करीब 8.8 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा सूटकेस, चेक बुक से भरा बैग और करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।
ईडी की टीम ने 30 दिसंबर को पहले दिल्ली के सर्वप्रिया विहार में एक परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया था। यह परिसर अमन कुमार नामक व्यक्ति से संबंधित है, जो कथित तौर पर इंद्रजीत सिंह यादव का करीबी है। यह अभियान अभी भी जारी है। दरअसल ईडी ने यूएई में रहने वाले इंद्रजीत सिंह यादव के खिलाफ जांच शुरू की है, जो मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुख्य आरोपी है। मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में इंद्रजीत सिंह यादव के साथ ही अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड नामक फर्म और अन्य सहयोगी भी शामिल हैं।
इंद्रजीत सिंह यादव के खिलाफ हरियाणा, उत्तर प्रदेश में 15 से अधिक मामले दर्ज हैं और उस पर जबरन वसूली, ऋण निपटान को जबरदस्ती से निपटाने, धमकाने आदि के मामले शामिल हैं। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इंद्रजीत सिंह यादव पर धोखाधड़ी से करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति जुटाने का आरोप है। फिलहाल वह फरार है और दुबई में रह रहा है। यादव एक फर्म जेम रिकॉर्ड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का नियंत्रक है।
जांच में खुलासा हुआ है कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड नामक फर्म और अन्य ने हरियाणा में झज्जर और दिघल से प्राइवेट फाइनेंसर्स से बड़ी मात्रा में पैसा उधार लिया और इसकी सिक्योरिटी के लिए चेक दिए, जो बाउंस हो गए। जांच में पता चला है कि इंद्रजीत सिंह यादव ने ही इन मामलों में समझौता कराया।






