धीरेंद्र शास्त्री महिलाओं की तस्करी कर रहे- प्रोफेसर का दावा:लखनऊ में कहा- कथावाचक को फांसी होनी चाहिए

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रविकांत ने गुरुवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने X पर 2 पोस्ट लिखी। पहली पोस्ट में उन्होंने अमेरिका के भारत पर टैरिफ लगाने के ऐलान को लेकर सरकार को घेरा। वहीं, दूसरे पोस्ट में आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री महिलाओं की तस्करी करते हैं।

एक एजेंसी से बातचीत में रविकांत ने कहा- मैंने जो बातें पोस्ट में लिखी है, उस पर कायम हूं। वीडियो में सब कुछ है। और वीडियो की सत्यता की जांच के बाद ही मैंने फांसी की मांग की है।
दरअसल, 28 जुलाई की रात मध्य प्रदेश में छतरपुर जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र में एक एम्बुलेंस पकड़ी गई। आरोप है कि 13 महिलाओं को जबरन ले जाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने एम्बुलेंस को पठा चौकी क्षेत्र में रोका और महिलाओं को थाने लाया। महिलाओं ने धाम के सेवादारों पर गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं का कहना था कि उन्हें धमकी दी गई और जबरन एम्बुलेंस में बिठाकर महोबा रेलवे स्टेशन ले जाया जा रहा था।
बागेश्वर धाम में क्या हुआ था
तारीख- 28 जुलाई
समय- रात 9 बजे
छतरपुर के लवकुशनगर थाना क्षेत्र में डायल 100 की टीम को एक एम्बुलेंस में 13 महिलाओं को ले जाने की सूचना मिली। पुलिस ने पठा चौकी क्षेत्र में एम्बुलेंस को रोका और महिलाओं को थाने लाया गया। इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया था।
वीडियो में एक व्यक्ति एम्बुलेंस ड्राइवर से पूछताछ कर रहा है, जिसमें ड्राइवर कह रहा है कि पन्ना के सेवादार कल्लू दादा ने महिलाओं को महोबा रेलवे स्टेशन छोड़ने को कहा था। वहीं, महिलाओं ने आरोप लगाया कि बागेश्वर धाम की सेवादार मिनी ने उनके बाल पकड़कर जबरन एम्बुलेंस में बिठाया। उनको जान से मारने की धमकी दी। उनको नहीं पता कि ये लोग कहां लेकर जा रहे थे। महिलाओं ने बताया कि वे बागेश्वर धाम दर्शन और पेशी के लिए आई थीं।
महिलाओं पर बागेश्वर धाम में चोरी का आरोप
टीआई अजय अंबे ने बताया, पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं पिछले 6 महीने से बागेश्वर धाम में रुकी हुई थीं। इन पर धाम में चोरी, चेन स्नैचिंग और अन्य अप्रिय घटनाओं को अंजाम देने का आरोप था। पूछताछ के बाद सभी महिलाओं को छोड़ दिया गया।
पेशी के नाम पर धाम में रुकी हुई थीं महिलाएं
बागेश्वर धाम के सेवादार और रिटायर्ड शिक्षक कुंज बिहारी ने बताया कि ये महिलाएं पेशी के नाम पर धाम में रुकी हुई थीं। धाम में लगातार चोरियां हो रही थीं। करीब 70-80 ऐसे लोगों को निगरानी में रखा गया था। दो दिन पहले एक मीटिंग में इन लोगों को समझाया गया कि गुरुजी विदेश में हैं और वे अपने घर चले जाएं।
सेवादार ने कहा- इन्हें रेलवे स्टेशन भेजा जा रहा था
कुंज बिहारी ने बताया कि जब दो दिन बाद भी ये लोग नहीं गए, तो उन्हें गाड़ियों से रेलवे स्टेशन भेजा जा रहा था। पकड़ी गई एम्बुलेंस में 11 लोग सवार थे, जिन्हें महोबा रेलवे स्टेशन छोड़ा जा रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
