ST-SC-OBC महासम्मेलन: पूर्व विधायक प्रजापति का विवादित बयान, कहा- एक अंधाचार्य वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय कहता है, तुम भी अपनी एंजॉय वाली मां से पैदा हुए हो का?

भोपाल। आज भेल दशहरा मैदान में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कहा कि अब बहन-बेटियां तो प्लॉट हो गई हैं। कोई भी सौ बार रजिस्ट्री कराओ, हजार बार रजिस्ट्री कराओ। बहन-बेटियों के स्तन से पृथ्वी हिलने लगी है, ये अनिरुद्धाचार्य कहते हैं।
एक अंधाचार्य है, वह कहता है वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय। तुम भी अपनी एंजॉय वाली मां से पैदा हुए हो का? कितने लोगों ने एंजॉय किया है, तभी तुम्हारी आंखें खराब हो गईं अंध्रा।
एक बाबा लाली लगाकर कहता है, अरे हमारी बहन-बेटियां 25 साल से 20 की आती हैं, वो 10 जगह मुंह मारकर आती हैं, अपनी जवानी उतारकर आती हैं।
मैं चाहता हूं कि हमको फांसी दी जाए, संतोष वर्मा जी को आईएस हटा दिया जाए, लेकिन पहले उनको जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए, जो व्यास पीठ से ऐसा बोलते हैं.
पढ़िए रामभद्राचार्य ने क्या कहा था
जगद्गुरु रामभद्राचार्य का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने वाइफ (WIFE) शब्द का फुल फॉर्म समझाया। उन्होंने कहा- वाइफ मतलब…
W = Wonderful
I = Instrument
F = For
E = Enjoy
यानी हिंदी में कहें तो पत्नी आनंद का साधन है। विवाहित लोग ही इसका सही अर्थ समझ सकते हैं और अविवाहित लोग या साधु इस पर टिप्पणी न करें, नहीं तो झगड़ा हो सकता है।
यह वीडियो 25 जुलाई 2025 को रामभद्राचार्य के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया गया था। WIFE और पत्नी में क्या अंतर है, रामभद्राचार्य ये समझाया। हालांकि वीडियो में केवल WIFE वाले पार्ट को ट्रोल किया गया।
छतरपुर की चंदला से विधायक रहे हैं प्रजापति
आरडी प्रजापति छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा से बीजेपी के विधायक रहे हैं। आरडी का बेटा राजेश प्रजापति भी बीजेपी से 2018 से 2023 तक विधायक रह चुका है। आरडी ने सपा के टिकट पर 2024 में टीकमगढ़ से सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था
अब पढ़ें पूर्व विधायक का पूरा बयान
संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में आरडी प्रजापति ने मंच से बोलते हुए कहा कि देश में कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्ध आचार्य का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं को ‘खाली प्लॉट’ जैसी उपमाओं से जोड़ना या 20–25 साल की लड़कियों को लेकर अभद्र टिप्पणियां करना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
प्रजापति ने सवाल उठाया कि यदि कोई महिला विधवा हो जाए तो क्या उसका सिंदूर और मंगलसूत्र हट जाना उसे ‘खाली प्लॉट’ बना देता है। उन्होंने कहा कि प्लॉट का मतलब जमीन होता है, जिसे बार-बार खरीदा और बेचा जा सकता है, तो क्या समाज अपनी बहन-बेटियों को भी उसी नजर से देखेगा। मंच से उन्होंने इस तरह की भाषा को महिलाओं का खुला अपमान बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ कथावाचकों द्वारा यह कहा जाना कि 25 साल की लड़कियां कथाओं में जाकर अपनी जवानी ‘उतार कर’ आती हैं, न सिर्फ असंवेदनशील है बल्कि पूरे समाज को शर्मसार करने वाला है। प्रजापति ने कहा कि इस तरह के बयान व्यास पीठ से नहीं दिए जाने चाहिए और प्रशासन को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
आरडी प्रजापति ने प्रधानमंत्री और मौजूदा व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मेहनत करने वाला वर्ग हाशिए पर है, जबकि धर्म और चंदे के सहारे प्रभावशाली बनने वाले लोग मलाई खा रहे हैं। आदिवासियों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने जंगल कटाई और संसाधनों के दोहन को आदिवासी समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बताया।
सीएम के नाम 20 मांगो का ज्ञापन
महासम्मेलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे है। मंच से नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आज भी शिक्षा, नौकरी, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का हक नहीं मिल रहा है। संविधान में दिए गए अधिकारों का पूरा लाभ इन वर्गों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही गई।
संयुक्त मोर्चा ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और सही प्रतिनिधित्व की मांग करना है। साथ ही लंबे समय से लंबित सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचना भी इस सम्मेलन का उद्देश्य है।





