CM : अंबेडकर जयंती प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे- यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती 14 मार्च के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ अंबेडकर की जयंती के कार्यक्रम 8 अप्रैल से आरंभ होकर 14 अप्रैल तक चलेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड जिला मुख्यालय पर होगा। जिला मुख्यालयों सहित सभी विकास खंडों में भी अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने प्रभारी मंत्रियों को अपने प्रभार के जिले के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय  कर,आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए ।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष में 31 मार्च 2027 तक सामाजिक समरसता  कार्यक्रमों का आयोजन संपूर्ण प्रदेश में किया जाएगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार होगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रभारी मंत्रीगण को सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का जिला स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मोदी-गडकरी का आभार
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बीता सप्ताह मध्य प्रदेश के लिए शुभ रहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश को नए फोरलेन मार्गों की कई स्वीकृतियां प्रदान कर सौगातें दी। एन. एच. 46 के इटारसी -बैतूल सेक्शन में 758 करोड रुपए लागत के  22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को स्वीकृत किया गया। इसी तरह प्रदेश के निवाड़ी और उत्तर प्रदेश के झांसी को जोडऩे वाले 15.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन दक्षिणी बाइपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला के निर्माण तथा एन  एच44 और एन  एच 39 को जोडऩे वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड रुपए की स्वीकृति दी गई है। इन स्वीकृतियों से प्रदेश के व्यापारिक, आर्थिक, पर्यटन इत्यादि सभी तरह की गतिविधियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने इन सौगातो के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार माना।
भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता पर मंथन
मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने उज्जैन में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रख्यात खगोल वि, वैज्ञानिकों द्वारा भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्राचीन श्रेष्ठता पर गहन मंथन किया गया। उज्जैन नगरी लंबे समय तक काल गणना का केंद्र रही है, भूमध्य रेखा और कर्क रेखा का कटाव केंद्र बिंदु जो पहले उज्जैन में था अब उज्जैन से 32 किलोमीटर दूर डोंगला में शिफ्ट हो गया है। उज्जैन की गौरवशाली पहचान को विश्व पटल पर पुन: स्थापित करना भी कार्यक्रम का उद्देश्य था।

Exit mobile version