CG : 43 आईएएस के प्रभार में फेरबदल, ऋचा पंचायत, सुबोध सिंह पावर कंपनी के अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा संभालेंगे कमलप्रीत, 7 जिलों के कलेक्टर बदले गए

रायपुर। राज्य सरकार ने सात जिलों के कलेक्टर बदलने के साथ ही 43 वरिष्ठ आईएएस अफसरों के प्रभार में बदलाव किया है। इनमें कुछ अफसरों को अतिरिक्त प्रभार तो कुछ को नई जिम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक एसीएस ऋचा शर्मा को पंचायत विभाग की जिम्मेदारी दी गई है जबकि मनोज पिंगुआ को वन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं निहारिका बारिक गृह विभाग की प्रमुख सचिव बनाई गई हैं।

सुबोध सिंह को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ ऊर्जा विभाग के साथ पावर कंपनी का अध्यक्ष बनाया गया है। ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के संचालक पीएस एल्मा को आबकारी आयुक्त की भी जिम्मेदारी दी गई है।

शहला निगार को महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसी तरह डॉ. रोहित यादव को वित्त विभाग, कमलप्रीत सिंह को स्कूल शिक्षा विभाग और परदेशी सिद्धार्थ कोमल को कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुकेश बंसल को वर्तमान प्रभार के साथ पीडब्ल्यूडी- विमानन के साथ सीएम का सचिव बनाया गया है। सारांश मित्तर को क्रेडा का नया सीईओ और ऊजा सचिव बनाया गया है।

7 जिलों में नए कलेक्टर: कोरिया में पुष्पा साहू, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में संतन देवी जांगड़े, सूरजपुर में रेना जमील और बीजापुर में विश्वदीप को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इसी तरह सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पद्मिनी भोई साहू, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में डॉ. संतोष कुमार देवांगन और बलरामपुर-रामानुजगंज में चंदन संजय त्रिपाठी को कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

परफार्म करने वाले अफसरों के साथ ढाई साल के लिए सीएम की नई टीम तैयार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। आगामी ढाई साल के लिए वे परफार्म करने वाले अफसरों की नई टीम बना रहे हैं। यही वजह है कि बेहतर अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर दोनों एसीएस को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।सीएम ने राज्य में प्रशासनिक कसावट और कामकाज में तेजी लाने के लिए यह महत्वपूर्ण फेरबदल किया है।

पंचायतों के माध्यम से गांव के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाया जाता है इसलिए ऋचा शर्मा को पंचायत विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है इसलिए बसवराजू को इस विभाग की कमान सौंपी गई है। इसी तरह दो साल से जमे अफसरों को नई जिम्मेदारी दी गई है।

43 अफसरों की जंबो सूची के साथ अफसरों की यह टीम आगामी चुनाव तक राज्य सरकार की आंख-नाक व कान बनकर सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के अपने पहले ही दौरे में बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा के विरुद्ध मिली शिकायतों के कारण उन्हें हटा दिया है। कटारा पर लोक सेवा गारंटी समेत जनता से जुड़े अन्य कामों में लापरवाही की शिकायतें मिली थी। सीएम ने बलरामपुर कलेक्टर को हटाकर साफ संदेश दिया है कि जिलों में बेहतर परफार्मेंस करने वाले अफसर ही काम कर पाएंगे उनके लिए यह चेतावनी भी है कि जनता से जुड़े कामकाज और राज्य सरकार की तमाम फ्लैगशिप योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले अफसर ही फील्ड पर रह पाएंगे।

Exit mobile version