पटना। पूर्व मध्य रेलवे निर्माण के चीफ इंजीनियर अनिल कुमार को 7.79 लाख रुपए की घूस देने पहुंचे एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमि. के जीएम अनूप सिंह, सहायक महाप्रबंधक गौरव कुशवाहा, अकाउंटेंट आकाश पात्र और बिचौलिया धीरज विरमानी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान 45 लाख नकद बरामद किया। सीबीआई ने चारों को महेंद्रू घाट रेल परिसर से उस वक्त दबोचा, जब वे बिल पास कराने के लिए अनिल कुमार को रिश्वत देने उनके महेंद्रू घाट स्थित कार्यालय जा रहे थे। सीबीआई ने अनिल कुमार से भी पूछताछ की।
मोबाइल सर्विलांस से हुआ खुलासा
सीबीआई ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों, बिचौलिया धीरज विरमानी और अनिल कुमार के मोबाइल फोन सर्विलांस पर ले रखे थे। एजेंसी कई दिनों से सभी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जैसे ही सीबीआई को सूचना मिली कि घूस की रकम लेकर आरोपी अनिल कुमार से मिलने जा रहे हैं, टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
चारों को कोर्ट ने भेजा सात दिन रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अनूप सिंह, गौरव कुशवाहा, आकाश पात्र और धीरज विरमानी को पटना सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार की अदालत में सात दिन की रिमांड की मांग की। कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए चारों को 7 दिनों के लिए रिमांड पर भेज दिया। मामले में अनिल कुमार समेत कुल 11 को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
