Bhopal : बड़ी झील में तैरने लगे शिकारे, मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी..शिकारा में बैठे सीएम, स्पीकर और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, चाय-नाश्ते का लुत्फ भी उठाया

भोपाल। राजधानी भोपाल में अब डल झील जैसा नजारा देखने को मिलेगा। शहर की शान बड़ी झील में आज 20 शिकारे उतारे गये हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाई और खुद शिकारे में बैठकर सैर की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहे। अब आम लोग भी इन शिकारों का लुत्फ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री डा. यादव ने शिकारों की सुविधाओं की सराहना की। सैर के दौरान उन्होंने शिकारा-बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे और फलों का नाश्ता किया और फ्लोटिंग बोट मार्केट से साड़ी और जैकेट भी खरीदी। बोट क्लब पर हुए कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सरकार की ओर से बीजेपी और कांग्रेस के सभी विधायकों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। लेकिन नेता प्रतिपक्ष सिंघार के अलावा कोई अन्य कांग्रेसी विधायक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। सिंघार ने कहा कि अच्छा काम होता है तो सरकार की सराहना करेंगे। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि इन शिकारों को कश्मीर की डल झील की तर्ज पर तैयार किया गया है। इससे वॉटर टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इन शिकारों का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन निगम करेगा।
4 लोगों किराया लगेगा 400 रुपए
हर शिकारे में चार लोग बैठ सकेंगे और आधे घंटे की सैर के लिए 400 रुपए शुल्क देना होगा। हर एक शिकारा करीब 2.40 लाख रुपए में तैयार हुआ है। शिकारे सुबह 9 बजे से सूर्यास्त तक अवेलेबल रहेंगे। सैर के दौरान नाविक पर्यटकों को बड़े तालाब और भोपाल की विरासत से जुड़ी जानकारी भी देंगे।
प्रदूषण रहित तकनीक से निर्माण
इन सभी 20 शिकारों का निर्माण आधुनिक और प्रदूषण रहित तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से किया गया है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करती। इससे तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
शिकारे से हैंडीक्राफ्ट, फल-सब्जियां खरीद सकेंगे
पर्यटक इन शिकारों का आनंद लेने के साथ-साथ बर्ड वॉचिंग भी कर सकेंगे। शिकारे में हैंडीक्राफ्ट उत्पाद, स्थानीय व्यंजन, ऑर्गेनिक सब्जियां और फल खरीदने की भी व्यवस्था की गई है। राइड के दौरान पर्यटक दूरबीन से तालाब और उसके आसपास के पक्षियों को देख सकेंगे और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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