Bhopal : पाटीदार समाज का प्रदर्शन, धर्मांतरण की चेतावनी दी, साध्वी रंजना विवाद में जिहादी-अराजक कहने पर भड़के, कहा- आरोपियों पर FIR हो

भोपाल। भोपाल में साध्वी रंजना से जुड़ा कार विवाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है। अब पाटीदार समाज ने चेतावनी दी है कि उसके सदस्यों पर दर्ज केस रद्द नहीं किया गया और उनकी ओर से साध्वी के खिलाफ FIR नहीं की गई तो वे धर्म परिवर्तन पर करने पर मजबूर होंगे।

मंगलवार को पाटीदार समाज, ओबीसी मोर्चा और सकल हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग भोपाल के मिसरोद में मांगलिक भवन में इकट्‌ठा हुआ। यहां प्रदर्शन के दौरान “जय श्री राम” के नारे लगाए गए। बाद में कलेक्टर और कमिश्नर के नाम एसीपी को ज्ञापन सौंपा गया।

समाज के पदाधिकारी अजय पाटीदार ने कहा- हमारे लोगों को “जिहादी” और “अराजक तत्व” कहकर अपमानित किया गया है। उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए गए हैं। यह बेहद आपत्तिजनक है।
उन्होंने कहा कि यदि हमें हिंदू समाज का हिस्सा नहीं माना जाता तो समाज सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन पर विचार करने को भी मजबूर होगा।

सामान्य घटना बताकर गंभीर धाराएं लगाईं

अजय पाटीदार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव में आकर एकपक्षीय कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले को सामान्य घटना बताने के बावजूद गंभीर धाराएं लगाई गईं। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई स्पष्ट कर सकते हैं।
दरअसल, निरंजन अखाड़े से जुड़ी साध्वी रंजना 25 फरवरी को अपने भाई-बहन के साथ कार से जा रही थीं। मिसरोद थाने के पास कट पॉइंट पर सामने से आई गाड़ी के कारण उनकी कार ट्रैफिक में फंस गई और जाम लग गया। गुस्से में साध्वी कार से उतरीं और सामने वाली कार के ड्राइवर को तमाचा मार दिया। इसके बाद स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और साध्वी की कार में तोड़फोड़ कर दी।

साध्वी का आरोप- कार ड्राइवर ने गलत इशारे किए

इसके बाद वे थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची। साध्वी का कहना था कि कार चालक उन्हें घूर रहा था। उसने गलत इशारे किए इसलिए गुस्से में उन्होंने उसे तमाचा मार दिया।
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मिसरोद थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। बुधवार तड़केFIR दर्ज कर पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। ये सभी पाटीदार समाज के सदस्य हैं। समाज का आरोप है कि हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के दौरान उन्हें “जिहादी” और “अराजक तत्व” कहा गया।

पाटीदार समाज की एंट्री कैसे हुई?

पाटीदार समाज के सदस्य अजय पाटीदार के अनुसार घटना की शुरुआत सिंगल रोड पर दो गाड़ियों के आमने-सामने आने से हुई। उनका कहना है कि पहले साध्वी रंजना और देवेश श्रीवास्तव नामक व्यक्ति के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान पीछे से आ रहे विजय पाटीदार ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों से वाहन आगे-पीछे कर रास्ता खाली करने की बात कही।
अजय पाटीदार का आरोप है कि इसी बात पर साध्वी रंजना गाड़ी से उतरीं और विजय पाटीदार को तमाचा मार दिया। उनके मुताबिक इसी थप्पड़ की घटना के बाद माहौल बिगड़ा और विवाद ने उग्र रूप ले लिया। समाज का कहना है कि इसके बाद पूरे घटनाक्रम को एकतरफा तरीके से पेश किया गया, जिसके विरोध में पाटीदार समाज संगठित होकर सामने आया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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