उन्नाव रेप पीड़ित और कुलदीप सेंगर समर्थकों में झड़प:दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे, पीड़ित बोली- गवाहों की सुरक्षा हटाई गई

नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा सस्पेंड होने के विरोध में चल रहे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में हंगामा हो गया। कुलदीप सेंगर के समर्थन में पुरुष आयोग नाम के संगठन के लोग रविवार को जंतर-मंतर पहुंचे और नारेबाजी करने लगे।

उनके हाथ में आई सपोर्ट कुलदीप सेंगर का बैनर था। पीड़ित के पक्ष में प्रदर्शन कर रहीं योगिता भयाना ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में जमकर नारेबाजी और झड़प हो गई। प्रदर्शन में शामिल रेप पीड़ित ने कहा कि हमारे पारिवारिक सदस्यों और गवाहों की सुरक्षा हटा दी गई है। उधर, धरने पर बैठी उन्नाव रेप पीड़ित की अचानक तबीयत खराब हो गई। यह बात सोशल मीडिया X पर योगिता भयाना ने वीडियो शेयर करते हुई कही। इसमें योगिता ने लिखा- लगातार मानसिक दबाव और न्याय में देरी अब उसके स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है।

साथ ही योगिता भयाना ने कहा- हम चाहते हैं कि कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में जो सुनवाई हुई है, उसे खारिज किया जाए। ये बच्ची यहां आना चाहती थी, इसलिए हम उसके समर्थन में यहां आए हैं। इस बच्ची की कानूनी लड़ाई अच्छे से लड़ी नहीं गई है।

पीड़ित ने कहा- मुझे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है
इस पर पीड़ित ने कहा- मुझे सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है कि वह इंसाफ देगा। मैं हर महिला की आवाज उठा रही हूं। अगर CBI ने यह पहले किया होता, तो मुझे इंसाफ मिल गया होता। उसकी (कुलदीप सेंगर की) जमानत खारिज हो जाती, क्योंकि उसने मेरा रेप किया था। मेरे पिता को मार दिया गया। मेरे परिवार के सदस्यों को मार दिया गया। मेरे परिवार के सदस्यों और गवाहों की सुरक्षा हटा दी गई। मेरे पति को नौकरी से निकाल दिया गया। मेरे बच्चे घर पर सुरक्षित नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट 29 दिसंबर को सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट उन्नाव रेप केस में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की सजा सस्पेंड करने के खिलाफ 29 दिसंबर को सुनवाई करेगा। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की याचिका सुनवाई के लिए लिस्ट की गई है। इसमें दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी।
इससे पहले शनिवार को भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की जमानत के खिलाफ रेप पीड़ित दिल्ली में CBI ऑफिस पहुंची थी। जहां उसने बेल के खिलाफ एप्लिकेशन दी। पीड़ित ने कहा था- मुझे डेढ़ घंटे इंतजार कराया गया। उसके बाद कर्मचारियों ने मेरी एप्लिकेशन ली। पहले मुझसे कहा गया कि आज छुट्‌टी है, मंडे को आना। लेकिन बाद में एप्लिकेशन ले ली गई। सोमवार को बुलाया गया है।

महिला एक्टिविस्ट को पुलिस उठाकर ले गई
23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद से ही विरोध प्रदर्शन हो रहा है। उसी दिन रेप पीड़ित, उसकी मां और एक्टिविस्ट योगिता भयाना 23 दिसंबर की शाम को इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठ गई थीं।

आधी रात पुलिस इंडिया गेट पहुंची और उन्हें हटने के लिए कहा। इस पर नोकझोंक और बहस हुई। आखिरकार तीनों को जबरन इंडिया गेट से हटा दिया गया था। महिला सिपाही पीड़ित और उसकी मां को उठाकर अपने साथ ले गई थी।

इसके बाद से लगातार प्रदर्शन हो रहा है। पीड़ित और उसकी मां राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सहयोग की मांग की थी। 26 दिसंबर को महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना समेत तमाम महिलाओं ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया था।
योगिता ने कहा था- कुलदीप सेंगर को भाजपा सरकार बचा रही है। हमारे देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हम चाहते हैं कि उन्नाव रेप कांड की पीड़िता को न्याय मिले। उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के मामले में भी दोषियों को बचाया जा रहा। इन घटनाओं से देश की महिलाएं डरी हुई हैं।

17 साल की लड़की को अगवा कर किया था रेप
उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग को अगवा कर रेप किया था। मामले की जांच सीबीआई ने की थी। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दोषी सेंगर को 20 दिसंबर, 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उसे मृत्यु तक जेल में रखने के आदेश दिए थे। सेंगर पर 25 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था। कुलदीप सेंगर की विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी। उसे भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया था।

screenshot 20251228 2030497907521735956135433

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

Related Articles