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MP: प्रदेश में सूखा, उत्सव मोड से बाहर निकलें सीएम: कमलनाथ

भोपाल। पूर्व सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश में इस बार भीषण सूखे की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्से में कम वर्षा हुई है। जलाशयों में पानी पूरी तरह से नहीं भर पाया है। फसलें सूख रही हैं। प्रदेश की अधिकांश किसान आबादी इससे सीधी प्रभावित हो रही है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वह उत्सव मोड से बाहर आएं और तत्काल सर्वे कार्य शुरू कर किसानों को राहत देने की व्यवस्था शुरू करें। 

कल मुख्यमंत्री का जो बयान सामने आया, वह चुनौती का सामना करने से अधिक आपदा को अवसर में बदलने की चालबाजी जैसा प्रतीत हुआ। प्रदेश की जनता ने पूर्व में भी देखा है कि शिवराज सरकार आपदा को अपने हित में अवसर में बदल लेती है और जनता के लिए संत्रास पैदा करती है। उन्होंने कहा है कि जनता को झूठे वादों की नहीं, सच्चे इरादों की जरूरत है।

जन आशीर्वाद की ज़रूरत क्यों ? 

कमलनाथ ने कहा कि आज भाजपा को ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ करके जनता तक जाने की ज़रूरत इसलिए पड़ रही है क्योंकि उनके काम जनता तक नहीं पहुँचे।

अगर भाजपा जनता के बीच ‘क्षमाप्रार्थी’ बनकर जाएगी तो आशा है मध्यप्रदेश की बड़े दिलवाली जनता औपचारिकतावश उनकी यात्रा को पानी तो पिला दे, लेकिन भाजपा को वोट रूपी आशीर्वाद जनता फिर भी नहीं देगी। 

मप्र को पिछले 20 सालों में पीछे धकेलने के बाद क्या अब भाजपा का अपराध बोध जागा है जो जनता के बीच जा रही है। दो दशकों में तो मप्र इतना शक्तिशाली हो जाना चाहिए था कि जनता को लुभाने के लिए झूठी घोषणा-पर-घोषणा नहीं करनी पड़ती। 

मप्र में भाजपा दो रिकार्ड बनाने जा रही है: 

1. सबसे ज़्यादा झूठी घोषणाओं का 

2. सबसे ज़्यादा वोटों से हारने का

भाजपा फ़्रेम तैयार रखे, जनता सबसे बड़ी हार का सर्टिफिकेट भेजनेवाली है।

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