Sensex : बाजार में ये क्या हो गया? सेंसेक्स 1,068 अंक टूटा, निफ्टी भी 25500 के नीचे…

मुंबई. मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले दो कारोबारी सत्रों से चली आ रही तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया। वैश्विक स्तर पर व्यापारिक अनिश्चितताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते असर ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया।

बिकवाली के भारी दबाव के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,068.74 अंक या 1.28 प्रतिशत लुढ़ककर 82,225.92 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,359.93 अंकों तक की बड़ी गिरावट देखी गई थी। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 288.35 अंक या 1.12 प्रतिशत का गोता लगाकर 25,424.65 पर आ गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का आलम यह था कि बीएसई पर 2,802 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 1,422 शेयर बढ़त.

बाजार में गिरावट के कारण क्या?
आईटी शेयरों में छाया एआई का खौफ: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण बड़े आउटसोर्सिंग बिजनेस के प्रभावित होने और पारंपरिक सर्विस प्रोवाइडर्स के मार्जिन पर दबाव की आशंकाओं ने आईटी शेयरों की कमर तोड़ दी। ‘फोकस्ड आईटी’ इंडेक्स 4.80 प्रतिशत और ‘इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ इंडेक्स 4.53 प्रतिशत तक टूट गए। निफ्टी में टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा 6.6 प्रतिशत गिरा, इसके अलावा एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयर भी लाल निशान में बंद हुए।
ग्लोबल ट्रेड टैरिफ का डर: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा व्यापार समझौतों पर दी गई चेतावनियों और संभावित ‘राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ’ की रिपोर्टों ने वैश्विक व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, दूतावास के कर्मचारियों की निकासी और क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनियों ने निवेशकों में ‘रिस्क’ (जोखिम) लेने की क्षमता को कम कर दिया है। इसी अनिश्चितता के बीच वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.22 प्रतिशत बढ़कर 71.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

कमजोर वैश्विक संकेत: अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को लगभग 2 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। इसके अलावा, जर्मनी, लंदन और पेरिस के यूरोपीय बाजार भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
गिरावट के दौरान किस सेक्टर पर क्या असर?
आईटी सेक्टर के इस दबाव का नकारात्मक असर रियल एस्टेट पर भी पड़ा, क्योंकि आईटी में छंटनी या तनाव से प्रॉपर्टी की मांग घट सकती है; नतीजतन रियल्टी इंडेक्स 2.61 प्रतिशत गिर गया। हालांकि, इस भारी गिरावट के बीच डिफेंसिव सेक्टर्स ने बाजार को कुछ सहारा दिया। मेटल, ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी, पावर और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स हरे निशान में बंद हुए। एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में निवेशकों ने खरीदारी की।

बाजार की गिरावट पर विशेषज्ञ क्या कह रहे?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, बाजार फिलहाल भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति बेहद संवेदनशील है, जिसके कारण निवेशक अब रक्षात्मक और घरेलू बाजार पर केंद्रित सेक्टर्स का रुख कर रहे हैं। डेरिवेटिव्स एक्सपायरी और मिले-जुले वैश्विक व घरेलू संकेतों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी बा

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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