मुंबई. शेयर बाजार कभी-कभी बिना चेतावनी के करवट बदलता है… और जब बदलता है तो निवेशकों की सांसें थम जाती हैं. 5 दिनों की लगातार तेजी के बाद बाजार अचानक लाल निशान में बंद हुआ. बड़े-बड़े बैंकिंग शेयर टूटे, सेंसेक्स 900 से ज्यादा अंक लुढ़का और निफ्टी 23,800 के नीचे फिसल गया. सवाल बड़ा है – क्या यह सिर्फ एक गिरावट है या आने वाले तूफान की शुरुआत? संकेत डराने वाले हैं.
आज का बाजार शांत नहीं था… यह एक चेतावनी था.
5 दिनों तक लगातार चढ़ने के बाद जैसे ही बाजार ने ब्रेक लिया, गिरावट इतनी तेज आई कि निवेशकों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. BSE Sensex 931 अंक टूटकर 76,632 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 222 अंक गिरकर 23,775 पर आ गया.
लेकिन असली डर कहां छिपा है?
जवाब है – बैंकिंग सेक्टर…Nifty Bank में 1.5% से ज्यादा की गिरावट आई. 882 अंकों की भारी गिरावट के साथ यह 54,822 पर बंद हुआ. सबसे चिंता की बात यह रही कि इसके सभी शेयर लाल निशान में बंद हुए. HDFC Bank और ICICI Bank जैसे दिग्गजों ने बाजार को नीचे खींचा.
जब बाजार के “मजबूत स्तंभ” हिलते हैं… तो डर और गहरा हो जाता है.हालांकि ऊपर से देखने पर एक अजीब तस्वीर भी दिखी – मिडकैप इंडेक्स 179 अंक चढ़कर 56,979 पर बंद हुआ. यानी बाजार के अंदर एक छिपा हुआ खेल चल रहा है. कुछ शेयर जैसे Meesho, Fertilizers and Chemicals Travancore और Bharat Heavy Electricals Limited चमकते दिखे, लेकिन बड़ी तस्वीर कमजोर ही रही.
अब बात उस खतरे की… जो धीरे-धीरे बढ़ रहा है.ब्रेंट क्रूड की कीमतें 98 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं. इससे upstream ऑयल कंपनियों में तेजी आई, लेकिन downstream कंपनियां फिसल गईं. इसका मतलब साफ है – महंगाई का दबाव फिर से सिर उठा सकता है.
स्टॉक स्पेसिफिक मूवमेंट्स ने भी बाजार की बेचैनी बढ़ाई.GM Breweries 2% गिरा, जबकि Anand Rathi Wealth 4% चढ़ा. Honasa Consumer लगभग 5% उछला, वहीं Info Edge 3% गिरा.
Bosch के 9,070 करोड़ के बड़े अधिग्रहण प्लान से स्टॉक में 3% की तेजी आई.Bajaj Auto और Escorts Kubota भी चढ़े.
