अडानी ग्रुप के शेयरों में भूचाल, डायरेक्ट समन भेजने की योजना से निवेशक अलर्ट

अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से डायरेक्ट गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को समन भेजने की योजना की खबर के बाद अडानी समूह के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को अडानी ग्रीन, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी एनर्जी और अडानी पोर्ट्स सहित अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयर 15% तक गिर गए हैं।

दरअसल, US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने गौतम अडानी और सागर अडानी को सीधे ईमेल से समन भेजने के लिए US कोर्ट से मंजूरी मांगी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन यानी SEC ने कोर्ट को बताया कि आधिकारिक चैनलों के माध्यम से समन देने के उसके पहले के प्रयास विफल रहे। कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक भारत ने ऐसे दो अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया था।

अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने के आरोप
SEC ने कोर्ट को बताया कि उसे मौजूदा प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करके सर्विस पूरी होने की उम्मीद नहीं है और इसलिए उसने दोनों एग्जीक्यूटिव्स- गौतम अडानी और सागर अडानी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से समन भेजने की इजाजत मांगी है। US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने एग्जीक्यूटिव्स पर कंपनी की एंटी-करप्शन पॉलिसी के बारे में गलत खुलासे करके अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि वह अपनी स्थिति का बचाव करने के लिए सभी कानूनी कदम उठाएगा।

2024 में आया था मामला
US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन नवंबर 2024 में सार्वजनिक किए गए एक आरोप पत्र में दावा किया गया है कि अडानी ग्रुप के अधिकारी भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की एक कथित योजना का हिस्सा थे, ताकि अडानी ग्रीन एनर्जी द्वारा उत्पादित बिजली के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट हासिल किए जा सकें। यह मामला 265 मिलियन डॉलर का है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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