Forex : भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.119 अरब डॉलर की गिरावट..

मुंबई। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पिछले सप्ताह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने के बाद, भारत के फॉरेक्स रिजर्व में इस बार गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए ताजा आंकड़े
आरबीआई के अनुसार, 20 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.119 अरब डॉलर की गिरावट आई है। इस कमी के बाद देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 723.608 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है।
इस हालिया गिरावट से ठीक पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त उछाल देखा गया था। तब देश का कुल भंडार 8.663 अरब डॉलर की बड़ी छलांग लगाते हुए 725.727 अरब डॉलर के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
विदेशी मुद्रा संपत्तियों में कितनी कमी आई है और यह क्या है?
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे प्रमुख घटक मानी जाने वाली ‘विदेशी मुद्रा संपत्तियों’ में 1.039 अरब डॉलर की कमी आई है, जिसके बाद यह घटकर 572.564 अरब डॉलर रह गई है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, डॉलर के संदर्भ में व्यक्त किए जाने वाले इन एफसीए (में गैर-अमेरिकी मुद्राओं, जैसे कि यूरो, पाउंड और येन के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव (मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास) के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व की क्या स्थिति है?
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान केवल विदेशी मुद्रा संपत्तियों में ही नहीं, बल्कि स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी गिरावट आई है।
समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 977 मिलियन डॉलर घटकर 127.489 अरब डॉलर रह गया है।
स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स 84 मिलियन डॉलर की कमी के साथ 18.84 अरब डॉलर पर आ गए हैं।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 18 मिलियन डॉलर घटकर 4.716 अरब डॉलर रह गई है।
भविष्य के लिए क्या संकेत दे रहे आंकड़े?
रिजर्व बैंक के ये आंकड़े बताते हैं कि विदेशी मुद्रा भंडार के सभी प्रमुख घटकों- विदेशी मुद्रा संपत्तियों, स्वर्ण भंडार, एसडीआर और आईएमएफ रिजर्व- में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। ऐतिहासिक ऊंचाई को छूने के ठीक बाद आई यह 2.11 अरब डॉलर की कमी मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर गैर-अमेरिकी मुद्राओं और सोने के मूल्य में हुए उतार-चढ़ाव के प्रभाव को दर्शाती है।



