Indi.. Go..for.. Adani…!वाकई पायलटों की कमी या फिर अडाणी एंपायर के लिए साफ हो रहा रनवे..?

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने पिछले हफ्ते पायलट्स की कमी बताते हुए देश भर में अपनी हजारों फ्लाइट्स कैंसल कर दी थी। 3 से 5 दिसंबर के बीच इस समस्या का सबसे ज्यादा असर देखा गया था, और इसके चलते हजारों हवाई यात्रियों को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना भी करना पड़ा था। इस बीच कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने इंडिगो की इस समस्या के पीछे अडाणी कनेक्शन निकाल दिया है और इसे कहीं ना कहीं अडाणी एम्पायर के लिए रनवे साफ करने का तरीका बताया है। यह बात पूर्व लोकसभा सांसद व कांग्रेस नेता उदित राज ने कही है। उनका कहना है कि हाल ही में देश के सबसे बड़े पायलट ट्रेनिंग सेंटर को अडाणी ने खरीदा है और इसके बाद सिर्फ सवा सौ पायलटों की कमी के चलते दो हजार फ्लाइट्स का रद्द हो जाना एक संयोग नहीं हो सकता। यह कहीं ना कहीं अडाणी के लिए रास्ता बनाने की कोशिश हो रही है।

देश में आए इंडिगो संकट के बारे में जब डॉ उदित राज से सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब में कहा, ‘देखिए दो चीजें हैं इसके अंदर, यह इत्तेफाक हो नहीं सकता कि एक तरफ अडाणी करीब 800 करोड़ रुपए में पायलट ट्रेनिंग सेंटर खरीद रहे हैं और वहीं दूसरी तरफ केवल 124 पायलटों की कमी की वजह से 2000 उड़ानें रद्द हो रही हैं। एक तरह से यहां माहौल बनाया जा रहा है, और फिर इसी बीच मंत्री का बयान आता है कि देश में 30 हजार पायलटों की कमी है।’

आगे उन्होंने कहा, ‘तो यह सब देखकर मुझे जो समझ में आ रहा है कि कुल मिलाकर देश में एक ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि इसको (एविएशन सेक्टर को) सिर्फ अडाणी ही चला सकते हैं, दूसरा कोई और नहीं चला सकता। क्योंकि दोनों जो घटनाएं हो रही हैं और अगर क्रोनोलॉजी को समझा जाए तो दोनों में कोई बहुत ज्यादा फासला नहीं है। वहां डीजीसीए में एक मिस्टर जामवाल हैं, जो कि डायरेक्टर हैं, उनकी डिग्री फर्जी है, लेकिन इसके बाद भी वो वहां डायरेक्टर बनकर बैठे हुए हैं, तो किसने बैठाया है उनको और नागरिक उड्डयन मंत्री उनके खिलाफ कोई ऐक्शन क्यों नहीं ले रहे।’

वहीं इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए उदित राज ने लिखा, ‘अडाणी डिफेंस ने FSTC (भारत का सबसे बड़ा पायलट ट्रेनिंग सेंटर) में 820 करोड़ रुपए डालकर 73% हिस्सा ले लिया—DGCA/EASA सर्टिफाइड सिमुलेटर! इसी बीच इंडिगो के पास 124 पायलट की कमी से पूरा हवाई जहाज क्रैश, 2000 फ्लाइट्स कैंसिल, लाखों यात्री फंस गए। सरकार-मीडिया चिल्लाते, 1700 प्लेन के लिए 30 हजार पायलट चाहिए। ड्रामा: पायलट्स की कमी रियल शॉर्टेज या अडाणी एम्पायर के लिए रनवे साफ?’

इससे पहले पिछले हफ्ते भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने कड़े सुरक्षा नियमों की योजना बनाने में विफल रहने के कारण देशभर में हजारों उड़ानें रद्द की थीं। रद्द उड़ानों की संख्या पांच दिसंबर को चरम पर थी और उसके बाद से इसमें कमी आई है। इस दौरान कंपनी ने करीब दो हजार से ज्यादा फ्लाइट्स को कैंसल कर दिया था।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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