अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और अदाणी के बीच चल रहे केस में एक नया मोड आ गया है। US SEC ने भारत सरकार को बायपास कर गौतम अदाणी को सीधे समन भेजने के लिए अर्जी लगाई थी। इस अर्जी पर सुनवाई से पहले अदालत ने दोनों पक्षों को बातचीत करने और अपना फैसला बताने की बात कही थी। अब खबर है कि अदाणी (Gautam Adani) ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन से कानूनी नोटिस लेने पर सहमति जताई है।
ए कोर्ट फाइलिंग के अनुसार, अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे, सागर अडानी ने एक सिविल फ्रॉड मुकदमे में US Securities and Exchange Commission से कानूनी नोटिस लेने पर सहमति जताई है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने रिश्वतखोरी की योजना के बारे में निवेशकों को गुमराह किया।
अगर जज इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देते हैं, तो अदाणी के पास SEC की शिकायत पर जवाब देने के लिए 90 दिन होंगे, जिसमें केस खारिज करने की रिक्वेस्ट भी शामिल हो सकती है। दोनों आरोपी भारत में हैं, और SEC ने उन्हें कानूनी कागजात देने में दिक्कत आने की बात कही थी। गौतम अदाणी के वकील रॉबर्ट गिफ्रा ने कमेंट करने से मना कर दिया। सागर अदाणी के वकील सीन हेकर ने भी कमेंट करने से मना कर दिया।
अदाणी के वकीलों ने स्वीकारी US SEC की मांग
यह शर्त कोर्ट की मंजूरी पर निर्भर है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में एक फेडरल कोर्ट में दायर की गई याचिका में, SEC और गौतम और सागर अदाणी के US-बेस्ड वकीलों ने कहा कि वकील रेगुलेटर के कानूनी कागजात स्वीकार करने पर सहमत हो गए हैं, जिससे जज को यह तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि प्रतिवादियों को कैसे नोटिस दिया जाए।
संयुक्त आवेदन (या स्टिपुलेशन) संबंधित कोर्ट से मंजूरी के लिए जमा किया गया है। यह US कानूनी कार्यवाही में एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया का कदम है जो मामलों के व्यवस्थित समाधान की अनुमति देता है।
90 दिनों के भीतर देना होगा जवाब
अगर जज सहमत होते हैं, तो संयुक्त आवेदन SEC मामले को आगे बढ़ने देगा, साथ ही अदाणी को 90 दिनों के भीतर या तो अपना मामला खारिज करने का मोशन या अपना बचाव दायर करने का समय देगा। इसके बाद SEC अगले 60 दिनों के भीतर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। प्रतिवादी ऐसे विरोध का जवाब 45 दिनों के भीतर दे सकते हैं।
क्यों गौतम अदाणी को सीधे समन भेजना चाहती है US SEC
अमेरिकी प्रॉसिक्यूटर ने नवंबर 2024 में अदाणी और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ एक संबंधित क्रिमिनल केस दायर किया था। उस मामले में एक साल से ज़्यादा समय से कोई सार्वजनिक अपडेट नहीं आया है। SEC का मामला भी उस समय के ज्यादातर हिस्से में रुका हुआ था।
अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर आरोप है कि उन्होंने अदाणी ग्रीन एनर्जी को फायदा पहुंचाने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को करोड़ों डॉलर की रिश्वत देने या देने का वादा करने की एक साजिश रची, जहाँ दोनों एग्जीक्यूटिव और डायरेक्टर हैं।
Adani US SEC Case: अमेरिकी SEC के सामने झुके गौतम अदाणी? समन लेने पर जताई समहति; केस में आया नया मोड़
