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क्रोध, उदासी, नीरसता और चिंता भी आपके लिए उपयोगी हो सकती हैं यह बुरी भावनाएं

अक्सर कहा जाता है कि चिंता चिता समान होती है। उदासी आपको गहरे अवसाद में ढकेल सकती है। क्रोध यदि आपको आता है आपको बड़ा नुकसान हो सकता है या क्रोध अति से ऊपर चला जाए तो कुछ भी हो सकती है होना तो नुकसान ही है। यदि यह कहा जाए की यह सब बुरी भावनाएं आपके लिये अच्छी भी हो सकती है तो क्या आप यकीन करेंगे। जी हां यह बुरी भावनाएं अच्छी हो सकती हैं।उस दुख अथवा उदासी के पलों को याद करें जो पिछली बार तब आया था जब आप किसी चीज में बुरी तरह असफल हो गए थे? या पिछली बार जब आप किसी आगामी कार्यक्रम को लेकर इतने चिंतित थे कि कई दिनों तक अपने काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाए थे? इस प्रकार की भावनाओं का अनुभव करना अप्रिय होता है और यहां तक कि भारी भी लग सकता है। लोग अक्सर उनसे बचने, उन्हें दबाने या उन्हें नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं। वास्तव में, मनोविज्ञान के प्रयोगों में लोग कई नकारात्मक भावनाओं को महसूस न करने के लिए पैसे का भुगतान करेंगे। लेकिन हालिया शोध से पता चल रहा है कि क्रोध, उदासी, नीरसता और चिंता जैसी भावनाएं मनुष्य के लिए उपयोगी हो सकती हैं, और यहां तक कि नकारात्मक भावनाएं भी लाभप्रद हो सकती हैं। टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय में मनुष्य की भावनाओं पर शोध करने वाली अपनी विज्ञान प्रयोगशाला में हम अध्ययन करते हैं कि क्रोध और नीरसता जैसी भावनाएं लोगों को कैसे प्रभावित करती हैं, और हम उन तरीकों का पता लगाते हैं, जिनसे ए भावनाएं फायदेमंद हो सकती हैं। हम अपने शोध के परिणाम साझा करते हैं, ताकि लोग यह सीख सकें कि अपनी भावनाओं का उपयोग करके अपने इच्छित जीवन का निर्माण कैसे करें। हमारे शोध और कई अन्य अध्ययनों से पता चला है कि भावनाएं लोगों के लिए समान रूप से अच्छी या बुरी नहीं होती हैं। इसके बजाय, विभिन्न भावनाओं के परिणामस्वरूप विशेष प्रकार की स्थितियों में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। कई अन्य भावनाओं की तुलना में नीरसता पर कम शोध हुआ है, इसलिए इसे उतनी अच्छी तरह से नहीं समझा गया है। शोधकर्ता इस बात पर बहस करते हैं कि यह क्या है और यह क्या करता है। मनोविज्ञान के शोधकर्ताओं का मानना है कि उन स्थितियों में जहां लोग भावनात्मक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, नीरसता का लाभ यह है कि यह बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है।

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