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उम्मीदवारों की घोषणा के बाद, शिवराज सरकार की घोषणाएं उल्लंघन के दायरे मे, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने EC को लिखी चिट्ठी

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष शिवराज सरकार की घोषणाओं पर आपत्ति जाहिर की है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से प्रदेश की बीजेपी सरकार की घोषणाओं पर रोक लगाने की मांग की है. डॉ गोविंद सिंह ने कहा है कि बीजेपी ने 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. ऐसे में किसी भी प्रकार की घोषणा करना सीधे-सीधे मतदाताओं को प्रलोभन दिए जाने की श्रेणी में आएगा।

विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार घोषणाएं कर रही है. इसी बीच बीजेपी ने जैसे ही अपने 39 उम्मीदवारों की सूची जारी की, वैसे ही इन घोषणाओं को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े करना शुरु कर दिया है।मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली को संबोधित पत्र में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने लिखा है कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव माह नवम्बर 2023 में होना संभावित है. सत्ताधारी दल भाजपा द्वारा 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर चुनाव की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है. इस समय किसी भी प्रकार की घोषणा की जाना सीधे-सीधे मतदाताओं को प्रलोभन दिए जाने की श्रेणी में आएगा जो कि चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है.

अतः अनुरोध है कि किसी भी प्रकार की नवीन घोषणा नहीं किए जाने के संबंध में मध्यप्रदेश सरकार को निर्देशित करें ताकि निष्पक्ष एवं पूर्ण पारदर्शिता से चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो सके।

इसके पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने शनिवार (19 अगस्त) को मध्यप्रदेश के चीफ सेक्रेटरी इकबाल सिंह बैंस की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए थे. उन्होंने देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को पद से हटाने की मांग की थी।

गोविंद सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को तत्काल पद से हटाया जाए और उनके स्थान पर अन्य किसी अधिकारी को नियमित मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति हेतु प्रदेश सरकार को निर्देशित किया जाए.उनका आरोप है कि शिवराज सरकार लगातार इकबाल सिंह बैंस को एक्सटेंशन देकर चुनाव प्रभावित करने का काम कर रही है।

तनख़ा ने दिया है अल्टीमेटम

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा ने भी अगले शनिवार तक का अल्टीमेटम दिया है. विवेक तंखा ने भोपाल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अफसरों से चुनाव प्रभावित करवाने के लिए एक्सटेंशन दिया का रहा है. चीफ सेक्रेटरी को भी दो बार एक्सटेंशन मिल चुका है.तंखा ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी को इस्तीफा देकर इज्जत से चले जाना चाहिए वरना हम उन्हें राजनीति नही करने देंगे.

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