पार्थ चटर्जी की बड़ी मुश्किलें, जेल में अंगूठी पहनने की अनुमति कैसे दी


पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल में बंद पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अब, सीबीआई की एक एक विशेष अदालत के न्यायाधीश ने अलीपुर जेल के अधीक्षक को तलब कर फटकार लगाई है। साथ ही पूछा है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को न्यायिक हिरासत में अंगूठी पहनने की अनुमति कैसे दी गयी। गौरतलब है कि पूर्व मंत्री चटर्जी को बुधवार को विशेष अदालत के सामने पेश किया था। 
सुधार गृह के अधीक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया 
इसपर, विशेष न्यायाधीश शुभेंदु साहा  ने कहा कि साफ है कि 'अलीपुर सुधार गृह के अधीक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं। यह केवल एक विफलता नहीं है, बल्कि या तो कर्तव्य की उपेक्षा या सुधार गृह को नियंत्रित करने में अपने अधिकार का प्रयोग करने की अनिच्छा है।' इसके बाद विशेष न्यायाधीश शुभेंदु साहा ने अलीपुर सुधार गृह के अधीक्षक को 26 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि वे पश्चिम बंगाल जेल कोड के तहत नियमों का पालन करने में असफल रहने के बारे में लिखित रूप से स्पष्टीकरण दें।
इस दौरान बैंकशाल कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने चटर्जी और उनकी कथित करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की न्यायिक हिरासत 19 जून तक बढ़ा दी। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 23 जुलाई, 2022 को गिरफ्तार किया था। अर्पिता मुखर्जी फिलहाल प्रेसीडेंसी महिला सुधार गृह में बंद हैं।

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