AI Summit : मसला- ए- गलगटिया…

गलगोटिया के कुत्ते का मसला इतना वायरल हो गया कि कल सुधांशु त्रिवेदी जी को सब कुछ क्लियर करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलानी पड़ी।।

अंजना ओम कश्यप–सुधांशु जी कल मैं और चित्रा त्रिपाठी AI summit  में गई और भारत की प्रगति देखकर हक्की-बक्की रह गई।। सर सबसे ज्यादा मजा तो गलगोटिया के स्टॉल पर आया।। जैसे ही हम दोनों स्टाल में घूसी तो उनका कुत्ता हमारे पैर चाटने लगा।। यूनिवर्सिटी वालों ने बहुत जिद करी तो हम लोग चाय कॉफी पीने बैठ गई।। इतनी देर में वहां से रवीश कुमार गुजरे तो कुत्ता उन पर जोर-जोर से भौंकने लगा ऐसा क्यों हुआ सुधांशु जी।।

सुधांशु जी–अंजना जी 2014 के बाद राष्ट्र प्रेम और राष्ट्रभक्ति भारत के कण-कण में समा गई है।। AI को भी मालूम है कौन गोदी मीडिया है और कौन स्वराज पॉल फाउंडेशन से फंडेड राष्ट्रद्रोही मीडिया है।। बस कुत्ता भी आपको पहचान गया आपकी राष्ट्रभक्ति को पहचान गया और आपके पैर चूमने लगा।।

चित्रा त्रिपाठी–आप भी हमें गोदी मीडिया कहेंगे।।
सुधांशु जी–राष्ट्र की गोद में बैठकर जो राष्ट्र के लिए पत्रकारिता करें मेरी नजर में वही गोदी मीडिया है।। वैसे निशिकांत दुबे जी क्लियर कर ही चुके हैं कि महामानव और राष्ट्र एक दूसरे के पर्यायवाची हो चुके हैं।। इसलिए दोनों में से किसी की भी गोद में बैठकर पत्रकारिता करना गोदी मीडिया ही कहलाएगा।। इसलिए आज से आप गोदी मीडिया शब्द को तिरस्कार न समझकर अलंकार समझे।।

यह सुनकर अंजना और चित्रा मंद मंद ऐसे मुस्कुराई जैसे घर आए रिश्तेदार द्वारा चॉकलेट देने पर बच्चा मुस्कुराता है।।

सु सु चौधरी– सर आज मैं अपने प्रोग्राम में गलगोटिया कुत्ते के 10 फायदे बताऊंगा।। और लोगों को प्रोग्राम देखने के बाद पता चलेगा कैसे गलगोटिया कुत्ता जर्मन शेफर्ड से भी लाख गुना बढ़िया है।। फिर पशु प्रेमी गलगोटिया कुत्ता ही पालेंगे।।

सुधांशु त्रिवेदी–अरे चौधरी जी हमने आपको इन्हीं कामों के लिए तो 15 करोड़ के पैकेज पर पाला है।। गलगोटिया अपने ही गैंग की यूनिवर्सिटी है आपका तो फर्ज बनता है उनके कुत्ते बिकवाने का।। ढाई लाख का कुत्ता खरीदने में उनके साढे तीन सौ करोड रुपए खर्च हुए हैं।। हम सभी का फर्ज है गलगोटिया के कुत्ते ज्यादा से ज्यादा बिकवाने का ताकि उनकी लागत निकले और फिर वह इसी तरह के गधे और खच्चर बनाएं।।

जैसे ही संदीप चौधरी प्रश्न पूछने के लिए खड़े हुए हैं सुधांशु जी के माथे पर थोड़े से बल पड़े।।

संदीप चौधरी– सुधांशु जी चीन वाले कह रहे हैं यह कुत्ता हमारा है।। गलगोटिया ने हमसे ही ढाई लाख में खरीदा है और सबमिट में अपना कह कर पेश कर दिया।।

हाथ पैर मारते हुए ऊंची आवाज में सुधांशु जी–जब कोई देश और देश के नागरिक तरक्की करते हैं तो उनकी चीजों पर लाखों लोग अपना क्लेम करना शुरू कर देते हैं।। संदीप जी कल दुग्गल साहब सबमिट में आए थे।। आपने उनकी रील में देखा ही होगा जैसे ही गलगोटिया की मैडम ने कहा टॉमी उल्टी गुलाटी मार कर दिखाओ तो टॉमी ने तुरंत दो उल्टी गुलाटियां मारी, एक मैडम के कहने पर और एक दुग्गल साहब के आने की खुशी में।। आप गूगल करके देख लीजिए चीन में कुत्तों का नाम टॉमी होता ही नहीं है वहां सबसे ज्यादा नाम Hongji होता है।। यदि कुत्ता चीन का होता तो वह टॉमी कहने पर गुलाटी नहीं मारता।। और थोड़ी देर पहले ही मैंने टोमी के भारतीय होने का सबूत दिया है कि उसने गोदी मीडिया को भी पहचान लिया।। इससे ज्यादा टॉमी के भारतीय होने पर आपको क्या सबूत चाहिए।।

हम चीन के दावे को पूरी तरह से खारिज करते हैं टॉमी हमारा है हमारा रहेगा।। इसी के साथ आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होती है।। फर्स्ट फ्लोर पर खाने का इंतजाम करा गया है सभी पत्रकार बंधुओ से विनती है डिनर करके जाएं।।
अब सभी वंदे मातरम और जन गण मन के लिए खड़े होंगे।।

फेसबुक वाल से साभार

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